वित्तीय वर्ष 2022-23 के ऋण आवेदन के लिए अनुजा निगम का ऑनलाइन पोर्टल प्रारम्भ, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने किया शुभारम्भ

आवेदन स्वीकृत होने के पश्चात् राशि सीधे आवेदनकर्त्ता के खाते में डीबीटी की जाएगी।
 
वित्तीय वर्ष 2022-23 के ऋण आवेदन के लिए अनुजा निगम का ऑनलाइन पोर्टल प्रारम्भ, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने किया शुभारम्भ

जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने आज नेहरू सहकार भवन स्थित सभागार में राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड (अनुजा निगम) के ऑनलाइन पोर्टल का वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए ऋण आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने हेतु शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज से वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी, विशेष योग्यजन एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। पोर्टल पर अब सारा डाटा जनाधार से लिया जाएगा जिससे अन्य दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि आवेदन स्वीकृत होने के पश्चात् राशि सीधे आवेदनकर्त्ता के खाते में डीबीटी की जाएगी।

यह खबर भी पढ़ें: शादी किए बगैर ही बन गया 48 बच्चों का बाप, अब कोई लड़की नहीं मिल रही

जूली ने कहा कि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने से पारदर्शिता आएगी। आज सूचना तकनीक के युग में वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग को पेंशन, छात्रवृति जैसी सुविधाएं सीधे उनके खाते में मिल रही हैं। उन्होंने अनुजा निगम द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे ऋण एवं आर्थिक सहायता योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि अंतिम छोर पर बैठा व्यक्ति लाभान्वित हो सके। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के विकास एवं उत्थान के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 500 करोड़ रुपये के अनुसूचित जाति विकास कोष का गठन किया है।

जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि पोर्टल के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी, विशेष योग्यजन एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी और फ्लैगशिप योजनाओं के प्रचार-प्रसार की महत्ती आवश्यकता है, ताकि हर वंचित लाभान्वित हो सके।

राजस्थान राज्य अन्य पिछडा वर्ग वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष पवन गोदारा ने कहा कि अनुजा निगम एक चैनेलाइजिंग एजेंसी है जिसका प्रमुख कार्य राजस्थान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, निशक्तजन एवं सफाई कर्मचारी, अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों का आर्थिक विकास एवं उनकी उन्नति में सहायता करना है, ताकि इन वर्गों के सदस्यों का जीविकोपार्जन सही ढंग से हो सके तथा उनके रहन-सहन के स्तर में सुधार हो सके।

यह खबर भी पढ़ें: शादी से ठीक पहले दूल्हे के साथ ही भाग गई दुल्हन, मां अब मांग रही अपनी बेटी से मुआवजा

राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष, शंकर यादव ने कहा कि योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अभिनव प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि अनुजा निगम विभिन्न गतिविधियों जैसे कृषि विकास कार्य, पशुपालन के लिए ऋण एवं आर्थिक सहायता (अनुदान) उपलब्ध करवाता है, जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, निशक्तजन एवं सफाई कर्मचारी, अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों के आर्थिक विकास के साथ-साथ स्थानीय क्षेत्र का विकास भी हो सके।

इस अवसर पर राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के उपाध्यक्ष अवधेश दिवाकर बैरवां, प्रबंध निदेशक अनुजा निगम रामअवतार मीणा तथा निगम के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

Download app : अपने शहर की तरो ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए डाउनलोड करें संजीवनी टुडे ऐप

From around the web