Bombay HC On Love Jihad: बॉम्बे HC ने कहा, सिर्फ धर्म अलग होना लव जिहाद नहीं, जानिए और क्या कहा...

एक शख्स ने महिला और उसके माता पिता पर इस्लाम कबूल करने का दबाव डालने और खतना कराने का आरोप लगाया था।
Bombay HC On Love Jihad: बॉम्बे HC ने कहा, सिर्फ धर्म अलग होना लव जिहाद नहीं, जानिए और क्या कहा...

मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि एक रिश्ते को सिर्फ इसलिए धार्मिक एंगल नहीं दे सकते कि लड़का और लड़की अलग धर्म के हैं। दरअसल, एक शख्स ने महिला और उसके माता पिता पर इस्लाम कबूल करने का दबाव डालने और खतना कराने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी महिला और उसके माता पिता को अग्रिम जमानत देते हुए की। मामले की सुनवाई 26 फरवरी को जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस अभय वाघवासे की बेंच ने की। हालांकि खबर अब सामने आई है। 

विज्ञापन: "जयपुर में निवेश का अच्छा मौका" JDA अप्रूव्ड प्लॉट्स, मात्र 4 लाख में वाटिका, टोंक रोड, कॉल 8279269659

दरअसल, शख्स ने दिसंबर 2022 में एक्स गर्लफ्रेंड और उसके परिवार वालों के खिलाफ लव जिहाद का केस दर्ज कराया था। उसने बताया कि साल 2018 से वह मुस्लिम महिला के साथ रिश्ते में था। वह अनुसूचित जाति से था, लेकिन महिला को इस बारे में नहीं बताया। कुछ दिनों बाद महिला ने शख्स पर इस्लाम कबूल कर उससे शादी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। तब शख्स ने महिला के माता-पिता को अपनी जाति बताई।

यह खबर भी पढ़ें: लोगों के पसीने छूटे अफ्रीका के सुलेमान की हाइट नापने में, इतना लंबा टेप भी पड़ गया छोटा!

शख्स का कहना है कि महिला के माता-पिता को उसकी जाति से कोई समस्या नहीं थी। बाद में उन्होंने अपनी बेटी को भी मुझे बिना धर्म परिवर्तन कराए अपना लेने के लिए राजी कर लिया। फिर हमारे रिश्तों में कड़वाहट आ गई। इसके बाद मैंने महिला और उसके माता-पिता के खिलाफ धर्म बदलने का दबाव डालने, खतना कराने और पैसे मांगने के आरोप में केस दर्ज कराया। शख्स ने एक्स गर्लफ्रेंड और उसके परिवार पर जाति के नाम पर बुरा बर्ताव करने का आरोप भी लगाया। इस मामले में औरंगाबाद स्पेशल कोर्ट ने महिला और उसके परिवार को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, इसके बाद वे हाईकोर्ट पहुंचे थे। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि ऐसा लगता है कि इस मामले में लव-जिहाद का एंगल देने की कोशिश की गई है। जब दो लोग एक दूसरे से प्यार करते हैं तो लव जिहाद की आशंका कम होती है।

यह खबर भी पढ़ें: Video: शख्स मगरमच्छ के मुंह में हाथ डालकर दिखा रहा था दिलेरी, तभी हुआ कुछ ऐसा कि...

कोर्ट ने कहा कि केस 2022 में दर्ज हुआ था और एफआईआर में शख्स ने कबूल किया है कि वह महिला से प्यार करता था। ऐसे में खुद को पीड़ित बताने वाला शख्स चाहता तो महिला से रिश्ते खत्म कर सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। हाईकोर्ट ने कहा कि FIR में शख्स के खतना किए जाने की बात है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट में यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका। एक्सपर्ट्स नहीं बता सके कि खतना प्राकृतिक था या किसी सर्जिकल प्रोसेस की वजह से हुआ है। वहीं, मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस जल्द ही चार्जशीट भी दाखिल कर देगी। अब इस मामले में महिला और उसके परिवार को न्यायिक हिरासत में रखने की जरूरत नहीं मालूम होती है। फिलहाल कोर्ट ने सभी को अग्रिम जमानत दे दी है।

Download app : अपने शहर की तरो ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए डाउनलोड करें संजीवनी टुडे ऐप

From around the web