Rajiv Gandhi: राजीव गाँधी हत्याकांड से नाम जुड़ना मंजूर नहीं, नलिनी बोली- मुझे नहीं पता उन्हें किसने मारा, लेकिन...

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी और आरपी रविचंद्रन समेत सभी दोषियों की रिहाई का आदेश दिया था। 
 
Rajiv Gandhi: राजीव गाँधी हत्याकांड से नाम जुड़ना मंजूर नहीं, नलिनी बोली- मुझे नहीं पता उन्हें किसने मारा, लेकिन...

नई दिल्ली। राजीव गांधी हत्याकांड के सभी 6 दोषी शुक्रवार को रिहा हो चुके हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी और आरपी रविचंद्रन समेत सभी दोषियों की रिहाई का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को इसी केस में दोषी पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था। बाकी दोषियों ने भी उसी आदेश का हवाला देकर कोर्ट से रिहाई की मांग की थी। दरअसल, राजीव ने अपने कार्यकाल में श्रीलंका में शांति सेना भेजी थी, जिससे तमिल विद्रोही संगठन लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) उनसे नाराज चल रहा था। 21 मई 1991 में जब लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने राजीव गांधी चेन्नई के पास श्रीपेरंबुदूर गए तो वहां लिट्टे ने राजीव पर आत्मघाती हमला करवाया। लिट्टे की महिला आतंकी धनु (तेनमोजि राजरत्नम) ने कमर पर बंधे विस्फोटकों में ब्लास्ट किया। जिससे राजीव और धनु समेत 16 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 45 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

विज्ञापन: "जयपुर में निवेश का अच्छा मौका" JDA अप्रूव्ड प्लॉट्स, मात्र 4 लाख में वाटिका, टोंक रोड, कॉल 8279269659

अब नलिनी श्रीहरन ने कहा है कि राजीव गांधी की हत्या में नाम जुड़ना मंजूर नहीं, मुझे नहीं पता उन्हें किसने मारा, लेकिन मुझ पर से ये इलजाम हटना चाहिए। नलिनी बोलीं,  कुछ लोग हमारी रिहाई का विरोध कर रहे हैं। हम कांग्रेसी हैं। जब इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या हुई, तब हमारा परिवार दुखी था, किसी ने खाना तक नहीं खाया था। मैं यह मंजूर नहीं कर सकती कि राजीव गांधी की हत्या में मेरा नाम लिया गया था। मुझे इस इलजाम से मुक्त होना चाहिए। हमें नहीं पता कि उनकी हत्या किसने की। नलिनी ने यह भी कहा कि वह और उसका पति मुरुगन लंदन जाना चाहते हैं और अपनी बेटी के साथ जीवन भर रहना चाहते हैं। वे करीब 16 साल से अपनी बेटी से अलग हैं। नलिनी ने कहा कि जब वह संथन से मिली तो उसने बताया था कि वह श्रीलंका जा रहा है। जबकि जयकुमार और रॉबर्ट पायस दोनों अभी तक अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं ले पाए हैं।

यह खबर भी पढ़ें: लंदन से करोड़ों की ‘बेंटले मल्सैन’ कार चुराकर पाकिस्तान ले गए चोर! जाने क्या है पूरा मामला?

मुरुगन की पत्नी नलिनी और जयकुमार की पत्नी शांति उनसे मिलने त्रिची कैम्प पहुंची थीं, जहां नलिनी ने कहा कि मैं राज्य और केंद्र सरकारों से त्रिची स्पेशल कैम्प में बंद 4 श्रीलंकाई नागरिकों को रिहा करने की अपील करती हूं, जिनमें मेरे पति भी शामिल हैं। जेल से रिहा होने के बावजूद यह कैम्प दोबारा जेल जाने जैसा है। गौरतलब है कि जेल से रिहा होने के बाद संथन, मुरुगन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार को त्रिची में विदेशियों के लिए एक विशेष शिविर में रखा गया है।

Download app : अपने शहर की तरो ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए डाउनलोड करें संजीवनी टुडे ऐप

From around the web