NIA ने दाऊद इब्राहिम गैंग पर रखा 90 लाख का इनाम, मोस्ट वांटेड गैंगस्टर की लेटेस्ट तस्वीरें की जारी 

खास बात ये भी है कि पहली बार इन लोगों की पुरानी और नई तस्वीरें एक साथ जारी की गई हैं। 
 
NIA ने दाऊद इब्राहिम गैंग पर रखा 90 लाख का इनाम, मोस्ट वांटेड गैंगस्टर की लेटेस्ट तस्वीरें की जारी 

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दाऊद इब्राहिम और उससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी देने वालों को इनाम देने का ऐलान किया है। NIA ने गुरुवार को इनामी राशि की लिस्ट जारी की। इसमें दाऊद पर 25 लाख तो छोटा शकील की जानकारी देने पर 20 लाख इनाम की घोषणा की गई है। लिस्ट में दाऊद, छोटा शकील, अनीस इब्राहिम, जावेद चिकना और टाइगर मेमन का नाम है। खास बात ये भी है कि पहली बार इन लोगों की पुरानी और नई तस्वीरें एक साथ जारी की गई हैं। हालांकि दाऊद की नई फोटो नहीं है। इसलिए उसकी वही पुरानी फोटो जारी की गई है, जो 1993 मुंबई धमाकों के बाद कई सरकारी एजेंसियों ने जारी की थी। तो वही यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल ने भी 2003 में दाऊद इब्राहिम पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था। 

यह खबर भी पढ़ें: ऐसा गांव जहां बिना कपड़ों के रहते हैं लोग, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

दरअसल NIA को मुंबई में ड्रग्स और अवैध प्रॉपर्टी के जरिए टेरर फंडिंग के सबूत मिले हैं। इसके पीछे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का सिंडिकेट काम कर रहा है। ISI की मदद से आतंक का नया मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। NIA की खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक दाऊद गैंग के लोग पाकिस्तान के सपोर्ट वाले आतंकी संगठनों तक फंड पहुंचा रहे हैं। इस वजह से मुंबई, ठाणे और आसपास के इलाकों में फिरौती, सट्टेबाजी, बिल्डरों को धमकी और ड्रग्स का कारोबार बढ़ा है। 

यह खबर भी पढ़ें: शादी से ठीक पहले दूल्हे के साथ ही भाग गई दुल्हन, मां अब मांग रही अपनी बेटी से मुआवजा

शॉर्ट फिल्में बनाने वाले प्रोड्यूसर उल्हास पी. रेवंकर ने साल 2016 में गृह मंत्रालय में एक RTI दायर कर दाऊद और उसके गैंग के सदस्यों पर जारी इनाम की राशि बताने की मांग की थी। तब गृह मंत्रालय ने जवाब दिया था की 'ऐसी कोई सूचना उपलब्ध नहीं है।' इस जवाब से रेवंकर संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने चीफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर को अपील कर दी। हालांकि उनका भी कोई जवाब नहीं मिला था। आरटीआई 6 सितंबर 2015 को दायर की गई थी। जवाब मिला 15 सितंबर को। इस पर गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एमए गणपति ने कहा था कि उन्होंने 30 नवंबर 2015 को ऑनलाइन दायर की गई रेवंकर की अपील देखी है और उनका मूल RTI आवेदन भी देखा है, लेकिन जवाब में कहा गया कि ऑफिसर ने कहा था कि जिस ऑफिस के वह CPIO हैं, उसमें यह सूचना उपलब्ध नहीं है।

Download app : अपने शहर की तरो ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए डाउनलोड करें संजीवनी टुडे ऐप

From around the web