Jammu and Kashmir: जम्मू के राजौरी में हुआ IED ब्लास्ट, एक बच्ची की मौत और 5 घायल, जानिए पूरा मामला...

धमाका उन 3 घरों में से एक में हुआ, जहां रविवार शाम आतंकवादियों ने फायरिंग की थी। 
 
Jammu and Kashmir: जम्मू के राजौरी में हुआ IED ब्लास्ट, एक बच्ची की मौत और 5 घायल, जानिए पूरा मामला...

नई दिल्ली। जम्मू के राजौरी में डांगरी गांव में IED ब्लास्ट हुआ। एक बच्ची की मौत हो गई। 5 घायल हैं और इनमें से एक की हालत गंभीर है। धमाका उन 3 घरों में से एक में हुआ, जहां रविवार शाम आतंकवादियों ने फायरिंग की थी। इस आतंकी हमले में 4 हिंदुओं की जान चली गई और 7 घायल हैं। आपको बता दे, डांगरी में हिंदुओं की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था। इसके खत्म होने के कुछ देर बाद ही एक घर में धमाका हुआ और अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद पुलिस ने पूरा इलाका सील कर दिया। 

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लोगों ने बताया कि रविवार शाम आतंकवादी आए और लोगों को घरों से बाहर निकाला। वे सभी का आधार कार्ड देख रहे थे। इसके बाद उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमले में सतीश कुमार (45), प्रीतम लाल (56), शिवपाल (32) की मौत हो गई। चौथे मृतक का नाम अभी सामने नहीं आया है। ADGP मुकेश सिंह ने कहा कि पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। NIA की टीम भी यहां जांच करेगी। एक IED मिला था, उसे इलाके से हटा दिया गया है। सर्च ऑपरेशन चल रहा है। ऐसी आशंका है कि रविवार शाम फायरिंग के बाद ही आतंकवादियों ने घर में IED रख दिया होगा।

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नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, मैं राजौरी जिले में इस लक्षित हमले की निंदा करता हूं और मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। IED धमाके के बाद भी उन्होंने ट्वीट किया। इसमें लिखा, सुरक्षाबलों की ओर से इस स्पष्ट लापरवाही की जांच की जानी चाहिए। अतीत में सीखे गए सबकों ने हमें सिखाया है कि मुठभेड़ों/हमलों की जगहों को पूरी तरह से सर्च किए बिना उन्हें लोकल को नहीं सौंपना चाहिए। 

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राजौरी में इस SOP का पालन क्यों नहीं किया गया? तो वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ये बहुत दुख की बात है कि आतंकवाद अभी भी इस रियासत में चल रहा है। बेगुनाहों को मारा जा रहा है। पूरे देश में जिस तरह की नफरत फैलाई जा रही है, ये उसी का नतीजा है। आज मुसलमान को अलग और हिंदुओं को अलग खड़ा किया जा रहा है। कौन जिम्मेदार है? कौन नफरत फैला रहा है? इस पर गृह मंत्रालय में रास्ता निकालने की जरूरत है।

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