SC में चल रही सुनवाई में सरकार ने कहा, यूक्रेन से लौटे छात्रों का भारत के कॉलेजों में दाखिला संभव नहीं, जानिए वजह...

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर बताया है कि इन मेडिकल स्टू़डेंट्स का भारत के कॉलेजों में दाखिला कानूनन संभव नहीं है।

 
SC में चल रही सुनवाई में सरकार ने कहा, यूक्रेन से लौटे छात्रों का भारत के कॉलेजों में दाखिला संभव नहीं, जानिए वजह...

नई दिल्ली। यूक्रेन से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स को भारत के कॉलेज में एडमिशन देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को होने वाली सुनवाई कल यानी शुक्रवार के लिए टल गई है। इस मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर बताया है कि इन मेडिकल स्टू़डेंट्स का भारत के कॉलेजों में दाखिला कानूनन संभव नहीं है। सरकार ने कहा है कि ये वो छात्र हैं जो या तो NEET में कम अंक के चलते वहां गए थे या सस्ती पढ़ाई के लिए गए थे। सरकार का कहना है कि ये स्टूडेंट्स यूक्रेन के कॉलेज से अप्रूवल लेकर दूसरे देश में डिग्री पूरी करने का विकल्प चुन सकते हैं।

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दरअसल, सबसे खतरनाक वॉर जोन में बनी यूक्रेन की कुछ मेडिकल यूनिवर्सिटीज ने विदेशी छात्रों को मोबिलिटी या ट्रांसफर प्रोग्राम लेने के लिए कहा था। इसके बाद NMC ने विदेश मंत्रालय की सलाह पर यह फैसला लिया। कमीशन ने इसे टेम्परेरी रिलोकेशन कहा गया है। यानी स्टूडेंट्स को डिग्री यूक्रेन की वही यूनिवर्सिटी जारी करेगी, जिसके वो स्टूडेंट्स हैं। 

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आपको बता दे बीते दिनों नेशनल मेडिकल कमीशन यानी NMC ने  6 सितंबर को यूक्रेन से पढ़ाई बीच में छोड़कर लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स को राहत दी थी। आयोग ने एक NOC जारी कर बताया था कि ये स्टूडेंट अब देश-दुनिया के किसी भी मेडिकल कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। लेकिन NMC ने इन स्टूडेंट्स को स्क्रीनिंग टेस्ट रेगुलेशन 2002 के दूसरे मापदंड पूरे करने की शर्त भी रखी है।

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