प्यार हो तो ऐसा! कोरोना में पत्नी को खोया, अब बनवाई सिलिकॉन की प्रतिमा, जानिए पूरा मामला...

तपस इसका अपनी पत्नी की तरह ही ख्याल भी रखते हैं। रोज उसे तैयार करते हैं सोने के गहने पहनाते हैं और उससे बातें भी करते हैं।
 
प्यार हो तो ऐसा! कोरोना में पत्नी को खोया, अब बनवाई सिलिकॉन की प्रतिमा, जानिए पूरा मामला...

कोलकाता। कोलकाता के 65 साल के तपस शांडिल्य ने अपनी दिवंत पत्नी की सिलिकॉन की स्टैच्यू बनवाई है। दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर में उनकी पत्नी इंद्राणी की मौत हो गई थी। इसके बाद तपस ने 2.5 लाख रुपए खर्च कर पत्नी की प्रतिमा बनवाई है। इस काम में 6 महीने का समय लगा। प्रतिमा का वजन 30 किलो है। तपस इसका अपनी पत्नी की तरह ही ख्याल भी रखते हैं। रोज उसे तैयार करते हैं सोने के गहने पहनाते हैं और उससे बातें भी करते हैं। पूरे इलाके में तपस का पत्नी के लिए प्रेम और इंद्राणी की मूर्ति चर्चा का विषय बनी हुई है। अब कोई भी तपस के घर आता है तो उसे यह नहीं लगता कि इंद्राणी अब उनके साथ नहीं हैं।  तपस बताते हैं कि शुरूआत में मेरे कई रिश्तेदार इस फैसले के खिलाफ थे। हालांकि बाद में सभी मेरे जिद के आगे झुक गए।

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शहर के कैखाली इलाके में रहने वाले तपस सिंह रिटायर केंद्रीय कर्मचारी हैं। तपस बताते हैं कि वे करीब 10 साल पहले पत्नी के साथ मायापुर के इस्कॉन मंदिर गए थे। यहां दोनों ने एसी भक्तिवेदांत स्वामी की सजीव प्रतिमा देखी, जिससे वे काफी प्रभावित हुए। तभी इंद्राणी ने तपस से कहा कि अगर मेरी मौत हो जाती है तो आप मेरी ऐसी ही प्रतिमा बनवा लेना। इंद्राणी ने यह बात मजाक में कही थी, लेकिन तपस ने तभी सोच लिया था अगर मेरी जिंदा रहते ऐसा होता है तो मैं इंद्राणी की यह इच्छा जरूर पूरी करूंगा। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में इंद्राणी की मौत हो गई। 

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इस हादसे से तपस को अंदर तक हिला दिया। फिर तपस ने पत्नी की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए इंटरनेट पर सिलिकॉन की प्रतिमा बनाने वालों लोगों के बारे में सर्च करना शुरू किया। तपस की तलाश 2022 की शुरूआत में खत्म हुई। उन्होंने मूर्तिकार सुबीमल दास को पत्नी की प्रतिमा बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी। इंद्राणी की मूर्ति बनाने के लिए सुबीमल ने तपस से उनकी तस्वीरें मांगी। सुबीमल बताते हैं कि सबसे पहले उन्होंने मिट्टी का मॉडल बनाया, फिर फाइबर मोल्डिंग और सिलिकॉन कास्टिंग की गई।

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