INS Vikrant: देश को मिला पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर, PM Modi ने किया नौसेना के नए झंडे का अनावरण 

विक्रांत के आने से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास खुद एयरक्राफ्ट कैरियर डिजाइन करने और उसे बनाने की क्षमता है। 

 
INS Vikrant: देश को मिला पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर, PM Modi ने किया नौसेना के नए झंडे का अनावरण 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर (INS) विक्रांत नौसेना को सौंप दिया है। INS Vikrant देश में निर्मित सबसे बड़ा युद्धपोत है। इसे 2009 में बनाना शुरू किया गया था। अब 13 बाद ये नौसेना को मिला है। इसकी लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपए है। आपको बता दे विक्रांत के आने से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास खुद एयरक्राफ्ट कैरियर डिजाइन करने और उसे बनाने की क्षमता है। विक्रांत का वजन 40,000 टन है। इस पर 30 फाइटर जेट्स तैनात किए गए हैं।

8 साल बाद बदला गया नौसेना का 'निशान'
भारतीय नौसेना का निशान बदल गया है। पीएम मोदी ने आज नए निशान का अनावरण किया। नए निशान से सेंट जॉर्ज क्रॉस को हटा दिया गया है। अब ऊपर बाईं ओर तिरंगा बना है। बगल में नीले रंग के बैकग्राउंड पर गोल्डर कलर में अशोक चिह्न बना है। इसके नीचे संस्कृत भाषा में 'शं नो वरुणः' लिखा गया है।

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इंडियन ओशन में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की चीन की बढ़ती कोशिशों के चलते विक्रांत भारत के रणनीतिक हितों के लिए बहुत जरूरी है। इसके आने से भारत की समुद्री ताकत और बढ़ गई है। यह पोत भारतीय नौसेना के इन-हाउस डायरेक्टरेट ऑफ नेवल डिजाइन (DND) द्वारा डिजाइन किया गया है। इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है। वाहक का नाम भारत के पहले एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत के नाम पर रखा गया है, जिसने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। INS विक्रांत अब रिटायर हो चुका है। भारत के पास अभी सिर्फ एक एयरक्राफ्ट कैरियर जहाज ‘INS विक्रमादित्य’ है।

INS विक्रांत की खासियत?
करीब 40 हजार टन वजनी इस एयरक्राफ्ट पर एक साथ 30 फाइटर जेट्स तैनात हो सकते हैं। इनमें MiG-29K, Kamov-31 और MH-60R हेलिकॉप्टर शामिल हैं। इसमें 2,300 से ज्यादा कंपार्टमेंट हैं, जिन्हें लगभग 1700 लोगों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें महिला अधिकारियों के लिए स्पेशल केबिन भी शामिल हैं। विक्रांत की टॉप स्पीड 28 नॉट्स है। यह एक बार में 7500 समुद्री मील की दूरी तय कर सकता है। विक्रांत 262 मीटर लंबा है। इसकी चौड़ाई 62 मीटर और ऊंचाई 59 मीटर है। इसका निर्माण 2009 में शुरू हुआ था। IAC का फ्लाइट डेक दो फुटबॉल मैदान के बराबर है।

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दुश्मन की पनडुब्बियों पर खास नजर
विक्रांत पर जो रोटरी विंग एयरक्राफ्ट्स होंगे, उनमें छह एंटी-सबमरीन हेलीकॉप्टर्स होंगे, जो दुश्मन की पनडुब्बियों पर खास नजर रखेंगे। भारत ने हाल ही में अमेरिका से ऐसे 24 मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर, एमएच-60आर यानि रोमियो हेलीकॉप्टर का सौदा किया है। इनमें से दो (02) रोमियो हेलीकॉप्टर भारत को मिल भी गए हैं। इसके अलावा दो टोही हेलीकॉप्टर और दो ही सर्च एंड रेस्कयू मिशन में इ‌स्तेमाल किए जाने वाले होंगे।

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