Dwarka Sharda and Jyotirmath Badrinath Peeth: शंकराचार्य स्वरूपानंद के उत्तराधिकारी बने ये दो संत, स्वामी की बनेगी समाधी

आपको बता दे स्वरूपानंद सरस्वती का 98 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया था। 

 
Dwarka Sharda and Jyotirmath Badrinath Peeth: शंकराचार्य स्वरूपानंद के उत्तराधिकारी बने ये दो संत, स्वामी की बनेगी समाधी

नई दिल्ली। ज्योतिर्मठ बद्रीनाथ और शारदा पीठ द्वारका के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के उत्तराधिकारियों के नाम  घोषित कर दिए गए है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ और स्वामी सदानंद को द्वारका शारदा पीठ का प्रमुख घोषित किया गया है। उनके नामों की घोषणा शंकराचार्य जी की पार्थिव देह के सामने की गई। 

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आपको बता दे स्वरूपानंद सरस्वती का 98 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया था। उन्होंने झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में अंतिम सांस ली। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त नरसिंहपुर पहुंच रहे हैं। उनकी पार्थिव देह आश्रम के गंगा कुंड स्थल पर रखी गई है। करीब 4 बजे उन्हें समाधि दी जाएगी। उनके अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,  पूर्व सीएम कमलनाथ, विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी समाधि स्थल पर पहुंचे। साथ ही शंकराचार्य के अंतिम दर्शन किए।

दंडी स्वामी ने बताया, समाधि देने की पूरी तैयारी हो चुकी है। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का श्रृंगार होगा, शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो परमहंसी गंगा कुंड से भगवती मंदिर तक जाएगी। काशी से आए पंडित अवधराम शास्त्री समाधि की प्रक्रिया पूरी कराएंगे। सर्व प्रथम स्वामी स्वरूपानंद जी को 108 कलश जल से स्नान कराया जाएगा। इस दौरान वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार किया जाएगा। 

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स्वामी जी को स्नान कराने के बाद उनका दुग्ध अभिषेक किया जाएगा। साथ ही मस्तक पर शालिग्राम जी को स्थापित किया जाएगा। रीति-रिवाज से मंत्रोच्चार के बाद मां भगवती मंदिर से आश्रम तक परिक्रमा होगी। इस परिक्रमा में स्वामी स्वरूपानंद जी को पालकी पर बिठाकर परिक्रमा कराई जाएगी। परिक्रमा पूरी होने के बाद शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी को समाधि स्थल पर ले जाया जाएगा। पूजन कर समाधि के लिए बनाए गए गड्ढे में देह को रखा जाएगा। समाधि स्थल पर कुछ दिनों बाद एक मंदिर बनेगा। इसमें शिवलिंग की स्थापना की जाएगी।

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