Congress National President: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर सरगर्मियां तेज, अशोक गहलोत का नाम पद की रेस में सबसे आगे

दिल्ली पहुंचने पर गहलोत ने कहा था कि अगर पार्टी के लाेग मुझे चाहते हैं, उन्हें लगता है कि अध्यक्ष पद या सीएम पद पर मेरी जरूरत है तो मैं मना नहीं कर सकता।

 
ashok galuth

नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे है। इस सिलसिले में उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से दो घंटे बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, यह पता नहीं चल पाया है। तो वही गहलोत आज राहुल गांधी से मिलने कोच्चि भी जाएंगे। गहलोत दिल्ली से केरल के कोच्चि जाएंगे। वहां राहुल गांधी से मुलाकात कर पूरे मामले में चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं एक बार फिर प्रयास कर रहा हूं राहुल गांधी को अध्यक्ष पद के लिए मनाने का। मैं अपने मुख्यमंत्री रहने या न रहने की बात नहीं कर रहा हूं, यह समय बताएगा। मैं वहां रहना पसंद करूंगा, जहां मेरे रहने से पार्टी को फायदा मिल रहा हो।' मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनिया ने इतना ही कहा कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए इस चुनाव में वे किसी का फेवर नहीं करेंगींं।  

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दिल्ली पहुंचने पर गहलोत ने कहा था कि अगर पार्टी के लाेग मुझे चाहते हैं, उन्हें लगता है कि अध्यक्ष पद या सीएम पद पर मेरी जरूरत है तो मैं मना नहीं कर सकता। हमारे लिए पद कोई मायने नहीं रखता। एक पद, एक व्यक्ति का नियम केवल नॉमिनेटेड पोस्ट के लिए है। चुनाव लड़कर कोई भी दो पोस्ट पर रह सकता है। गहलोत ने कहा, 'समय बताएगा कि मैं कहा रहूंगा, कहां नहीं रहूंगा। एक पद, एक व्यक्ति फॉर्मूले पर उन्होंने कहा कि मेरी इच्छा तो ये है कि मैं किसी पद पर न रहूं, क्योंकि मैं बहुत पद पर रह चुका हूं। मेरी उपस्थिति से पार्टी को फायदा होना चाहिए, कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए, मैं यह चाहता हूं। पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है।' उधर, कांग्रेस सांसद शशि थरूर सुबह कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे और सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी से मुलाकात की। ये भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकते हैं।

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आपको बता दे, जयपुर में मंगलवार रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गहलोत ने अध्यक्ष पद पर नामांकन भरने के साफ संकेत दिए थे। विधायकों को गहलोत ने उनके नामांकन करने पर दिल्ली आने के लिए भी कहा। विधायक दल की बैठक में राहुल गांधी को आखिरी बार मनाने की बात भी गहलोत ने की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि राहुल नहीं माने, तब वे खुद नामांकन करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नामांकन के लिए राहुल की हां या ना सुनने के बाद वे दिल्ली लौटेंगे। राहुल की फाइनल राय के बाद अब आगे का मूवमेंट तय होगा।

तो वही कांग्रेस नेता और मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि यदि वे अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। एनडीटीवी से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि उदयपुर अधिवेशन में यह प्रस्ताव पास हुआ था कि एक व्यक्ति सिर्फ एक पद पर रहेगा। दिग्विजय खुद भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

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