बेंगलुरु बाढ़ के लिए मुख्यमंत्री ने जारी किया स्पेशल बजट, 1500 करोड़ में निकालेंगे पानी, 300 करोड़ में हटाएंगे अतिक्रमण

बेंगलुरु में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। IT विभाग के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की मंजूरी दे दी गई है। 

 
बेंगलुरु बाढ़ के लिए मुख्यमंत्री ने जारी किया स्पेशल बजट, 1500 करोड़ में निकालेंगे पानी, 300 करोड़ में हटाएंगे अतिक्रमण

नई दिल्ली। बेंगलुरु में एक हफ्ते से भारी बारिश हो रही है। 3 दिन से शहरभर में पानी भरा है। क्या सड़कें और क्या कॉलोनियां, सभी डूबे हैं। लोगों की परेशानियां देखते हुए अब कर्नाटक सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। बेंगलुरु में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। IT विभाग के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की मंजूरी दे दी गई है। बेंगलुरु नगर निगम ने 696 अतिक्रमणों की पहचान की है। निगम का कहना है कि इन्हीं की वजह से शहर में बारिश का पानी भर रहा है। इन अतिक्रमणों को JCB के जरिए गिराया जा रहा है। तो वही मौसम विभाग का कहना है कि बेंगलुरु के कई हिस्सों और कर्नाटक के दूसरे इलाकों में 9 सितंबर तक ऐसी ही बारिश होने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति रहने वाली है। बेंगलुरु नगर पालिका के चीफ कमिश्नर ने बताया कि 30 अगस्त से 4 सितंबर के बीच सामान्य से 5 गुना ज्यादा बारिश हुई है। शहर की 162 झीलें भर गई हैं, जिसके चलते बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं।

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बेंगलुरु में हालात यह बन गए है कि जलभराव के चलते बिजली की सप्लाई बंद है। शहर के कुछ हिस्सों में पीने का पानी भी नहीं पहुंच पा रहा है। जलभराव वाली जगहों पर पानी की सप्लाई के लिए कुओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ इलाकों में टैंकर्स के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। बारिश, बाढ़ की वजह से पावर सप्लाई में जो दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें सुधारने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं।  IT कर्मचारियों को ट्रैक्टर और क्रेन पर चढ़कर ऑफिस जाना पड़ा। एक IT प्रोफेशनल ने बताया कि ट्रैक्टर वाले 50 रुपए में लिफ्ट दे रहे हैं। शाम होते-होते कई IT कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम की घोषणा कर दी। 

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासव राज ने कहा कि हमने शहर से पानी बाहर निकालने के कामों के लिए 1500 करोड़ रुपए तुरंत जारी किए गए हैं। इसके अलावा 300 करोड़ रुपए अतिक्रमण हटाने के अभियान में खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन हालात के लिए पूर्व की JDS-कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। इस सरकार ने गैर-नियोजित तरीके से झीलों के आसपास कंस्ट्रक्शन की इजाजत दी। साथ ही मुख्यमंत्री बासव राज बोम्मई भी लगातार राज्य में दौरे कर रहे हैं। वे बुधवार सुबह काली जीप में बेंगलुरु के बाहरी इलाकों में पहुंचे। उन्हें भी पानी भरी सड़कों से ही गुजरना पड़ा। तो वही बासव राज IT कंपनियों से मुलाकात करेंगे। इंफोसिस, विप्रो, नैसकॉम समेत कई कंपनियां मीटिंग में शामिल होंगी।

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