BBC Documentary: जामिया यूनिवर्सिटी में BBC डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग नहीं हुई, पुलिस ने 7 छात्रों को हिरासत में लिया, जानें पूरा मामला...

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जामिया की वाइस चांसलर नजमा अख्तर ने बताया कि विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रिनिंग को लेकर छात्र संगठन SFI यूनिवर्सिटी कैंपस का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है।
 
BBC Documentary: जामिया यूनिवर्सिटी में BBC डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग नहीं हुई, पुलिस ने 7 छात्रों को हिरासत में लिया, जानें पूरा मामला...

नई दिल्ली। BBC डॉक्यूमेंट्री द मोदी क्वेश्चन की स्क्रीनिंग को लेकर मंगलवार को जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से उठा विवाद बुधवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी पहुंच गया। जामिया में विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रिनिंग को लेकर अब तक 7 छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इन पर माहौल खराब करने के प्रयास का आरोप है। SFI ने छात्रों की रिहाई तक स्क्रिनिंग टाल दी है। यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर की शिकायत पर इन्हें हिरासत में लिया गया है। जामिया की वाइस चांसलर नजमा अख्तर ने बताया कि विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रिनिंग को लेकर छात्र संगठन SFI यूनिवर्सिटी कैंपस का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है। हम ऐसी किसी भी काम की अनुमति नहीं देंगे। छात्रों की किसी भी गैरजरूरी हरकत पर कार्रवाई होगी।

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इधर, पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में भी स्टूडेंट सेंटर में विवादित डॉक्यूमेंट्री चलाने पर हंगामा हो गया। NSUI ने यह डॉक्यूमेंट्री चलाई। जिसे देखने कई स्टूडेंट्स जुट गए। इतने में यूनिवर्सिटी अथॉरिटी को इसकी भनक लग गई और प्रोजेक्टर पर चलाई गई इस डॉक्यूमेंट्री को तुरंत बंद करवा दिया गया। इससे पहले लगभग आधी डॉक्यूमेंट्री चल चुकी थी। तो वहीं, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में BBC की इस प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्री को देख रहे छात्रों पर मंगलवार देर रात पथराव किया गया। पथराव किसने किया, यह पता नहीं चल पाया है। अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावर भाग गए। इससे पहले यहां छात्र संघ कार्यालय की बिजली और इंटरनेट मंगलवार रात बंद कर दिया गया था, जिसे देर रात बहाल कर दिया गया है। 25 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है।

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JNU के कुछ स्टूडेंट्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर BBC की प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करने वाले थे। प्रशासन ने स्टूडेंट्स से डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग न करने की अपील की थी, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। JNU प्रशासन ने स्टूडेंट्स से कहा था कि इस तरह की एक्टिविटीज यूनिवर्सिटी में शांति और सद्भाव को भंग कर सकती है। वहीं, JNU स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष ने छात्रों के मोबाइल फोन पर डॉक्यूमेंट्री डाउनलोड करने के लिए QR कोड शेयर किया था। इसी पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई जा रही थी।

आपको बता दे, राहुल गांधी ने डॉक्यूमेंट्री बैन करने को गलत बताया है। राहुल ने कहा कि अगर आपने हमारे शास्त्रों को पढ़ा है, या आपने भगवत गीता या उपनिषदों को पढ़ा है तो आप देख सकते हैं कि सच्चाई हमेशा सामने आती है। आप उसे कैद नहीं कर सकते हैं। आप मीडिया को दबा सकते हैं। आप संस्थानों को कंट्रोल कर सकते हैं, आप CBI, ID और सभी चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन सच तो सच होता है। 

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तो वहीं, कांग्रेस नेता अनिल एंटनी ने मंगलवार को कांग्रेस से अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्थानों पर BBC के विचारों को रखने का मतलब देश की संप्रभुता को कमजोर करना है। यह बात ऐसे समय में कही है, जब केरल के कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने BBC डॉक्यूमेंट्री को दिखाने की घोषणा की है। अनिल केरल के पूर्व CM एके एंटनी के बेटे हैं। इससे पहले हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में सोमवार को स्टूडेंट्स के एक समूह ने कैंपस के अंदर डॉक्यूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन की स्क्रीनिंग की। पुलिस ने कहा कि इस बारे में लिखित शिकायत मिलने पर जांच शुरू की जाएगी।

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