Air Force Day : एयरफोर्स डे पर जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन में होगी स्वदेशी अटैकर हेलिकॉप्टर रुद्र की तैनाती

पांच साल पहले स्वदेशी एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर की पहली स्क्वाड्रन जोधपुर में तैनात हुई थी। 

 
Air Force Day : एयरफोर्स डे पर जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन में होगी स्वदेशी अटैकर हेलिकॉप्टर रुद्र की तैनाती

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े और ताकतवर जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर स्वदेशी अटैकर हेलिकॉप्टर रुद्र की तैनाती होने वाली है। आगामी 8 अक्टूबर को एयरफोर्स डे पर 10 हेलिकॉप्टर हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (HAL) से मिलने वाले हैं। लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) की जोधपुर में तैनात होने वाली यह देश की पहली स्क्वाड्रन होगी। यह एयरफोर्स वर्जन की पहली स्क्वाड्रन होगी। गत जून में सेना को इसकी स्क्वाड्रन मिल चुकी है। तो वही इससे पश्चिमी सीमा की हवाई ताकत बढ़ेगी। 

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पांच साल पहले स्वदेशी एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर की पहली स्क्वाड्रन जोधपुर में तैनात हुई थी। ये भारत-पाक बॉर्डर और भारत-चीन बॉर्डर पर नजर रखेगा। ये सियाचिन की चोटी पर लैंड कर सकता है। इसमें फ्रंट में गन भी लगी है। भारतीय सेना ने 1 जून को बेंगलुरु में लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर का पहला स्क्वॉड्रन बनाया। बताया जा रहा है कि अगले साल इसे और बढ़ाया जाएगा, ताकि LAC पर चीन की गतिविधि पर नजर रख सके और उनकी हरकतों पर विराम लगा सके। सेना के मुताबिक वो अभी 95 LCH और खरीदेगी। इनकी सात यूनिट्स बनाई जाएंगी। जिनमें से सात पहाड़ी इलाकों पर तैनात की जाएंगी।

लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ध्रुव हेलीकॉप्टर का विकसित रूप है। पहली बार 1999 कारगिल युद्ध के दौरान इसकी कमी महसूस हुई थी। हालांकि, तब इसके विकसित रूप पर काम चल रहा था। सियाचिन हो, रेगिस्तान हो, जंगल हो, या फिर 13-15 हजार फीट ऊंचे हिमालय के पहाड़ हों, इस हेलीकॉप्टर ने ट्रायल्स के दौरान भारत के हर तरह के इलाकों में उड़ान भरने की क्षमता को प्रदर्शित किया था। रुद्र की रफ्तार अधिकतम 268 किमी प्रतिघंटा है और रेंज 550 किलोमीटर है। यह हेलीकॉप्टर लगातार 3 घंटे 10 मिनट की उड़ान भर सकता है। अधिकतम 6500 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसमें 20 mm की गन होती है, जो हवा से हवा में और हवा से जमीन पर हमला कर सकती है। 

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इसके अलावा इसमें चार हार्डप्वाइंट्स होते हैं, जिनमें रॉकेट्स, मिसाइल और बम एक साथ लगाए जा सकते हैं। इस हेलिकॉप्टर में लगे अत्याधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम से दुश्मन न तो छिप सकता है, न ही इस पर हमला कर सकता है, क्योंकि ये सिस्टम इस हेलिकॉप्टर को मिसाइल का टारगेट बनते ही सूचना दे देते हैं। इसके अलावा राडार एंड लेजर वॉर्निंग सिस्टम लगा है। साथ ही शाफ और फ्लेयर डिस्पेंसर भी हैं, ताकि दुश्मन के मिसाइल और रॉकेटों को हवा में ध्वस्त किया जा सके।

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