Miss Universe में हरनाज संधू का उड़ा मजाक, वजन बढ़ने की वजह ये है

 
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अपने वजन के लिए बार-बार ट्रोल होने वालीं पूर्व मिस यूनिवर्स हरनाज संधू को सीलिएक डिजीज है। इस बीमारी में इंसान का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इस बीमारी में मरीज को ग्लूटन वाली डाइट खाने की मनाही होती है।

 

नई दिल्ली। पूर्व मिस यूनिवर्स हरनाज कौर संधू एक बार अपने वजन की वजह से ट्रोल हुई हैं। हरनाज हाल ही में 'मिस यूनिवर्स 2022' के फिनाले में पहुंची थीं। हरनाज के बढ़े हुए वजन की तस्वीरें और विडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए, वो ट्रोलर्स के निशाने पर आ गईं। हालांकि, हरनाज संधू ने इससे पहले अपने वजन बढ़ने की वजह बता चुकी हैं। उन्होंने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए बताया था कि उन्हें सीलिएक रोग है। यह स्थिति ग्लूटन सेंसिटिविटी के कारण होती है। यह बीमारी गेहूं, जौ और राई में पाए जाने वाले ग्लूटन की वजह से होती है।

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21 वर्षीय हरनाज संधू ने पिछले साल दिसंबर के इजरायल में हुई 70वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता को जीता था। वो इससे पहले मिस दीवा 2021, फेमिना मिस इंडिया पंजाब 2019 भी जीत चुकी हैं और उन्होंने फेमिना मिस इंडिया 2019 प्रतियोगिता की टॉप 12 में भी जगह बनाई थी।

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पीटीआई से बात करते हुए हरनाज संधू ने खुलासा किया था, "मैं उन लोगों में एक हूं जिसे पहले लोग 'बहुत पतली' कहकर ताना मारते थे और अब वो मुझे  'मोटी है' कहकर ट्रोल करते हैं। मुझे सीलिएक रोग है, इस बारे में कोई नहीं जानता। मैं गेहूं का आटा और कई चीजें नहीं खा सकती।''

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सीलिएक रोग क्या है?
सीलिएक रोग में शरीर ग्लूटन को पचा नहीं पाता है जिससे आंत को नुकसान पहुंचाता है। वैश्विक स्तर पर यह बीमारी 100 में एक व्यक्ति को होती है। इस बीमारी में शरीर में ग्लूटेन जाने से छोटी आंत में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है जो समय के साथ पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाने लगती है और पोषक तत्वों को अवशोषित करने से रोकती है।

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कितना खतरनाक हो सकता है सीलिएक रोग
डॉक्टरों के अनुसार, आंतों में होने वाला नुकसान अक्सर दस्त, थकान, वजन घटने, सूजन और एनीमिया समेत कई गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है। अगर यह बीमारी बच्चों को हो तो इसका असर उनकी ग्रोथ पर पड़ता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि यह बीमारी वंशानुगत भी होती है और सीलिएक रोग (माता-पिता, बच्चे, भाई-बहन) की माता-पिता से बच्चों में होने की संभावना 10 में से 1 होती है। सीलिएक डिजीज फाउंडेशन के अनुसार, यह किसी भी उम्र में विकसित हो सकता है जब लोग ऐसे खाद्य पदार्थ या दवाएं खाना शुरू करते हैं जिनमें ग्लूटेन होता है। इलाज ना मिलने पर सीलिएक रोग बहुत सारी गंभीर बीमारियों जैसे टाइप 1 डायबिटीज और मल्टीपल स्क्लेरोसिस को जन्म दे सकता है।

सीलिएक रोग के प्रभाव क्या हैं?
हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स ने बताया कि सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों में कोरोनरी धमनी रोग विकसित होने का जोखिम दो गुना होता है। इस बीमारी से छोटी आंत के कैंसर के विकास होने का भी चार गुना अधिक जोखिम होता है।

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सीलिएक रोग के लक्षण क्या हैं?
सीलिएक रोग के लक्षण बच्चों और वयस्कों में अलग-अलग होते हैं। हालांकि कुछ पाचन संबंधी लक्षण समान होते हैं।

  • दस्त
  • थकान
  • वजन घटना
  • सूजन और गैस
  • पेट में दर्द
  • मतली और उल्टी
  • कब्ज

इसके अलावा सीलिएक रोग के कुछ और लक्षण भी हैं।

  • एनीमिया
  • हड्डी के घनत्व में कमी या हड्डी का कमजोर होना
  • खुजली, फफोलेदार त्वचा के दाने
  • मुंह के छाले
  • सिरदर्द और थकान
  • तंत्रिका तंत्र की चोट
  • जोड़ों का दर्द

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सीलिएक रोग का इलाज क्या है?
वर्तमान में इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है। सीलिएक डिजीज फाउंडेशन के अनुसार, सीलिएक रोग का एकमात्र इलाज सख्ती से जीवन भर ग्लूटन फ्री डाइट का सेवन करना है। लोगों को गेहूं, राई, जौ, आटे की रोटी और बीयर से दूर रहना चाहिए।

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सीलिएक रोग से पीड़ित लोग क्या खा सकते हैं?
इस ऑटोइम्यून स्थिति से पीड़ित लोग फल, सब्जियां, मांस और पॉल्ट्री, मछली, डेरी, बीन्स, फलियां, नट्स और ग्लूटन फ्री चीजों का सेवन कर सकते हैं।

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