कल से खरीदें सस्ता सोना, सरकार ने तय किया ये भाव

 
Gold

अगर आप सोना यानी Gold में निवेश करने का प्लान कर रहे हैं, तो फिर ये खबर आपके लिए है. दरअसल, सरकार एक बार फिर से लोगों को सस्ते में सोना खरीदने का मौका दे रही है. सॉवेरन गोल्ड बॉन्ड 2023-24 (Sovereign Gold Bond) की दूसरी सीरीज कल यानी 11 सितंबर से शुरू होने जा रही है, पांच दिन तक लोग इस स्कीम के तहत कम कीमत पर सोना खरीद सकेंगे. सरकार बाजार भाव से कम कीमत पर सोना बेचती है और इस बार सोने की कीमत 5,923 रुपये प्रति ग्राम तय की गई है. 

15 सितंबर तक खरीद सकेंगे सोना
सॉवेरन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2023-24 (Sovereign Gold Bond Scheme) की दूसरी सीरीज में लोग 11 सितंबर से 15 सितंबर तक सस्ते में सोना खरीद सकते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से गोल्ड बॉन्ड स्कीम की इस किश्त की सेटलमेंट डेट 20 सितंबर 2023 तय की गई है. गौरतलब है कि इस सरकारी योजना को अब तक लोगों का जबरदस्त रिस्पांस मिला है और इस साल के लिए खोली गई पहली सीरीज को बीते 19 जून 2023 को ओपन किया गया था और 23 जून तक इसे सब्सक्राइब्ड किया गया था. 

ऑनलाइन खरीद पर अतिरिक्त छूट
इस स्कीम की खास बात ये है कि इसमें खरीदे जाने वाले सोने का भाव पहले से ही बाजार भाव की तुलना में कम रखा जाता है और उस पर ऑनलाइन खरीद करने वाले लोगों को अतिरिक्त छूट भी दी जाती है. यानी Gold में निवेश करने के ये सबसे शानदार मौका साबित हो सकता है. बता दें कि इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से निवेश किया जा सकता है. ऑनलाइन अप्लाई करने पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट दी जाती है. इस हिसाब से देखें तो 5,923 रुपये प्रति ग्राम तय की गई कीमत, ऑनलाइन खरीदारों के लिए महज 5,873 रुपये प्रति ग्राम रहेगी. 

2015 में शुरू की गई थी स्कीम
यह सरकार की तरफ से शुरू की गई एक खास पहल है. गोल्ड की फिजिकल मांग को कम करने के इरादे से सबसे पहले सरकारी गोल्ड बॉन्ड योजना योजना नवंबर 2015 में लाई गई थी. सरकार की इस योजना के तहत बाजार से कम कीमत पर Gold में निवेश किया जा सकता है. इसमें किए गए निवेश की सुरक्षा की गारंटी सरकार देती है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में आप 24 कैरेट यानी 99.9% शुद्ध सोने में निवेश करते हैं. लॉन्चिंग ईयर यानी साल 2015-16 में स्कीम के तहत सोने का भाव 2,684 रुपये प्रति ग्राम था, वहीं 2023-24 की दूसरी सीरीज के लिए 5,923 रुपये है. यानी पिछले सात साल में इस स्कीम ने लगभग 120 फीसदी का रिटर्न दिया है. 

इस तरह तय की जाती है सोने की कीमत
निवेशकों को शानदार रिटर्न देने वाली इस SGB Scheme का सीधा उद्देश्य फिजिकल गोल्ड की मांग को कम करना है. गोल्ड बॉन्ड का इश्यू प्राइस भारतीय बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा, जो 999 शुद्धता वाले गोल्ड का क्लोजिंग प्राइस के आधार पर होता है. साफ शब्दों में कहें तो गोल्ड बॉन्ड के दाम सब्सक्रिप्शन अवधि से पहले के सप्ताह के अंतिम तीन कारोबारी दिन के लिए आईबीजेए की तरफ से जारी 999 शुद्धता वाले सोने के बंद भाव के सिम्पल एवरेज के आधार पर तय होते हैं.

कहां से और कितना खरीद सकते हैं गोल्ड बॉन्ड?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत सरकार की ओर से ये गोल्ड बॉन्ड (Gold Bond) जारी करता है. ये बॉन्ड बैंकों (स्मॉल फाइनेंस बैंकों और पेमेंट बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, नॉमिनेटेड डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (BSE) के माध्यम से बेचे जाते हैं.

स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 500 ग्राम गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है, जबकि खरीदार कम से कम एक ग्राम सोने में निवेश किया जा सकता है. इसके अलावा किसी भी एक फाइनेंशियल ईयर में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत ज्यादा से ज्यादा 4 किलो सोना खरीदा जा सकता है. अविभाजित हिंदू परिवारों और ट्रस्‍टों के लिए ये ये लिमिट 20 किलो तय की गई है. गौरतलब है कि सरकार द्वारा समय-समय पर इसमें बदलाव किया जा सकता है.

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