Standalone 5G Network अकेले दम पर करता है काम, जानें क्यों है पावरफुल

स्टैंडएलोन नेटवर्क में 5जी सेवा पूरी तरह से स्वतंत्र होती है और इसके लिए कंपनी को पूरा बुनियादी ढांचा बनाना पड़ता है।

 
Standalone 5G Network अकेले दम पर करता है काम, जानें क्यों है पावरफुल

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रमुख मुकेश अंबानी ने सोमवार को अपनी एजीएम में जो घोषणाएं कीं, उनमें सबसे अहम है देश में Jio 5G सेवा की दिवाली तक शुरुआत। मुकेश अंबानी ने कहा है कि 5G मोबाइल नेटवर्क सबसे पहले दिल्ली और मुंबई में शुरू होगा। इसके बाद इसे पूरे देश में दिसंबर 2023 तक फैला दिया जाएगा। हालांकि जियो ने दावा किया है कि उसका 5G नेटवर्क स्टैंडअलोन होगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क क्या है?

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स्टैंडएलोन नेटवर्क 
स्टैंडएलोन नेटवर्क में 5जी सेवा पूरी तरह से स्वतंत्र होती है और इसके लिए कंपनी को पूरा बुनियादी ढांचा बनाना पड़ता है। यह कंपनी की 4जी सेवा से पूरी तरह अलग होता है।

लागत और समय का अंतर
स्टैंडएलोन नेटवर्क में कंपनी को पूरा सेटअप बनाने के लिए भारी रकम खर्च करनी पड़ती है। साथ ही समय भी अधिक लगता है क्योंकि सारा कार्य नए सिरे से किया जाता है। इसी कारण जियो ने 5जी सेवा के लिए दो लाख करोड़ रुपये के भारी निवेश की तैयारी की है।

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क्षमता भी होती है अलग
- अलग व्यवस्था पर संचालित होने के कारण स्टैंडएलोन नेटवर्क 5जी सेवा की पूरी क्षमता का उपयोग कर सकता है।

- स्टैंडएलोन नेटवर्क में स्लाइसिंग की भी सुविधा होती है जिसके कारण कंपनी आवंटित 5जी स्पेक्ट्रम का प्रभावी रूप से उपयोग कर पाती हैं।

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