नई दिल्ली। यूरोपभर के सुपरमार्केट्स में हैकर्स ने साइबर हमले के जरिए दुकानों में लगे कूलिंग सिस्टम और फ्रीजर के तापमान को अचानक बढ़ाकर उन्हें ‘ओवन’ में तब्दील कर दिया। तीन हफ्तों के भीतर दो बार हुए इन हमलों के कारण खुदरा विक्रेताओं को बैक्टीरिया संक्रमण के खतरे को देखते हुए टनों खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को फेंकना पड़ा। सब्जियों, फलों, डेयरी उत्पादों, सीफूड और मांस के भारी स्टॉक को नष्ट करना पड़ा, जिससे यह साफ हो गया है कि अब किराना स्टोर और व्यावसायिक उपकरण भी साइबर युद्ध के नए मोर्चे बन चुके हैं।
यह हमला रात के समय बेहद चुपके से शुरू हुआ जब सुपरमार्केट्स के कूलिंग यूनिट्स को रिमोटली डीफ्रॉस्ट मोड पर डाल दिया गया। जब सुबह कर्मचारी पहुंचे तो उन्हें फर्श पर पानी बिखरा मिला और फल, सब्जियां तथा मांस पूरी तरह खराब हो चुके थे। पहला बड़ा हमला 11 और 12 अक्टूबर के बीच फ्रांस में हुआ, जहां इंटरमार्चे और कारफूर सहित 500 से अधिक स्टोर प्रभावित हुए। कुछ कूलिंग यूनिट्स का तापमान घंटों तक 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा दिया गया, जिससे केवल एक ही दिन में करोड़ों यूरो का नुकसान हुआ। अधिकारियों के अनुसार, हैकर्स ने इंटरनेट से जुड़े कूलिंग सिस्टम में पुराने फर्मवेयर की खामियों का फायदा उठाकर इस घटना को अंजाम दिया।
साइबर हमलों की दूसरी लहर बेल्जियम के मॉन्स में स्थित आइकिया (IKEA) स्टोर के कैफेटेरिया से शुरू होकर स्वीडन, लक्ज़मबर्ग, आयरलैंड और अन्य देशों तक फैल गई। बेल्जियम में कारफूर के 15 स्टोर इस हमले की चपेट में आए। इस घटना के बाद ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र (एनएससीएससी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. रिचर्ड हॉर्न ने चेतावनी दी है कि यह तो केवल शुरुआत है। उन्होंने खुदरा विक्रेताओं को अपने फर्मवेयर को तुरंत अपडेट करने की सलाह दी और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स से पुरानी खामियों को दूर करने का आग्रह किया।








