Explore

Search

November 5, 2026 6:05 pm

चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की घोषणा की, 21 जनवरी को जारी होगी अंतिम सूची

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (स्पेशल समरी रिवीजन) की घोषणा की। इस प्रक्रिया के तहत अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, मिजोरम, ओडिशा तथा सिक्किम की मतदाता सूचियों को अपडेट किया जाएगा।

इस पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना है। इसमें विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले लोगों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, उन लोगों को भी अग्रिम आवेदन करने की सुविधा दी जाएगी, जो 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को मतदान के लिए पात्र होने की आयु पूरी करेंगे।

30 नवंबर को जारी होगी मसौदा मतदाता सूची

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची का मसौदा 30 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने पर अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी।

आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदाता सूची में बार-बार या एक से अधिक प्रविष्टियां होने के मामलों में नाम हटाने से संबंधित आवेदनों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके तहत यदि किसी मतदान केंद्र पर कुल मतदाताओं के दो प्रतिशत से अधिक नाम हटाने के आवेदन मिलते हैं, तो संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उनकी जांच करनी होगी।

इसके अलावा, यदि कोई एक ही आपत्तिकर्ता पांच से अधिक आपत्तियां दर्ज कराता है, तो उन मामलों में भी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी को स्वयं जांच और सत्यापन करना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में उचित जांच सुनिश्चित करना है।

फॉर्म 6 और 8 में आधार देना स्वैच्छिक रहेगा

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म 6 और फॉर्म 8 में आधार संख्या देना स्वैच्छिक रहेगा। आधार विवरण उपलब्ध नहीं कराने के कारण किसी भी व्यक्ति का मतदाता के रूप में पंजीकरण करने का आवेदन खारिज नहीं किया जा सकेगा। इसी तरह, केवल आधार विवरण नहीं देने के आधार पर किसी मौजूदा मतदाता की प्रविष्टि भी सूची से हटाई नहीं जा सकेगी।

गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की घोषणा की थी। इनमें आगामी विधानसभा चुनावों वाले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब भी शामिल थे।

उस समय आयोग ने पहली बार राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियां इमेज फाइलों के बजाय पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप में उपलब्ध कराने का फैसला किया था।

निर्वाचन आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि वे इस पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर