नई दिल्ली । पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में पिछले चार महीनों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच रावलाकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई की खबर सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गुरुवार सुबह प्रदर्शन स्थलों को खाली कराने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान गोलीबारी और ड्रोन से बमबारी किए जाने की भी खबरें हैं। इस कार्रवाई में पांच लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। इसके साथ ही 7 जून से क्षेत्र में जारी हिंसक घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 151 होने की बात कही जा रही है।
फज्र की नमाज के बाद शुरू हुआ अभियान, बस टर्मिनल पर गोलीबारी
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गुरुवार सुबह करीब आठ बजे रावलाकोट बस टर्मिनल से अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि यहां 9 जून से पांच हजार से अधिक स्थानीय लोग अपनी 38 मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध जता रहे थे। आरोप है कि धरना स्थल खाली कराने की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने अंधाधुंध गोलीबारी की।
गोलीबारी के अलावा ड्रोन से बमबारी किए जाने का भी दावा किया गया है। इस हमले में वसीम शकील नाम के एक स्थानीय निवासी का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सामने आई तस्वीरों में मकान में आग लगने और उसके जलने के दृश्य दिखाई देने की बात कही गई है। पीओजेके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से ड्रोन हमले की यह दूसरी घटना बताई जा रही है।
बाग में भी ड्रोन हमले का दावा, एक परिवार के छह लोगों की हुई थी मौत
इससे पहले 29 अक्टूबर को बाग में एक मकान पर पाकिस्तानी सेना की ओर से ड्रोन हमला किए जाने का दावा किया गया था। बताया गया था कि इस हमले में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
उमर फारूक चौक पर भी रुक-रुककर गोलीबारी
रावलाकोट बस टर्मिनल पर कार्रवाई के बाद सुरक्षा बलों के वहां कब्जा कर लेने का दावा किया जा रहा है। वहीं, उमर फारूक चौक पर भी रुक-रुककर गोलीबारी होने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस चौक पर जुलाई से 20 हजार से अधिक लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दावों के मुताबिक, सुबह आठ बजे से दस बजे तक चले अभियान में पांच लोगों की मौत हुई। इसके बाद 7 जून से पीओजेके में जारी गोलीबारी और हिंसा की घटनाओं में मृतकों की कुल संख्या 151 तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
महिलाओं ने प्रदर्शन स्थल छोड़ने से किया इनकार
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी और ड्रोन हमलों की जानकारी दी है। उमर फारूक चौक पर मौजूद महिलाओं ने भी प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया है। उनका कहना है कि चाहे कितनी भी गोलीबारी क्यों न हो, प्रदर्शनकारी चौक से पीछे नहीं हटेंगे।
इस बीच रावलाकोट की मस्जिदों से लोगों से उमर फारूक चौक पहुंचने की अपील की जा रही है। ऐसे में इलाके में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।








