नई दिल्ली। दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने परिसर में जारी छात्र आंदोलन के बीच सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं। छात्र वर्ष 2006 में भंग किए गए छात्र संघ को दोबारा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक नोटिस में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह फैसला छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिजवी की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की जाएंगी। शिक्षकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को जरूरी शैक्षणिक सहायता और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराएं।
जामिया परिसर में फिर बढ़ा तनाव
शनिवार को सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें कथित तौर पर विश्वविद्यालय परिसर के गेट नंबर 7 के पास गुलिस्ताने-गालिब गार्डन में लगाए गए छात्रों के धरना शिविर को हटाते हुए दिखाया गया। वीडियो में छात्रों को वहां से हटने के लिए कहे जाने के दृश्य भी नजर आए। हालांकि, हिंदुस्तान टाइम्स ने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का कोई संतोषजनक नतीजा नहीं निकला। 22 वर्षीय छात्र ईबिन बेसिल ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बेसिल 12 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर हैं।
बेसिल ने आरोप लगाया कि प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षाकर्मियों ने धरना स्थल से तंबू हटा दिया और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को अर्थशास्त्र संकाय की इमारत के अंदर ले जाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों को जबरन हिरासत में लेने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई थी। हालांकि, खबर में इन विशिष्ट आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई सीधा जवाब नहीं दिया गया है।
ऑनलाइन कक्षाओं के फैसले पर छात्रों ने उठाए सवाल
जामिया में प्रदर्शन कर रहे छात्र और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सचिव सौरभ त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का उद्देश्य आंदोलन को कमजोर करना और अन्य छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना है।
त्रिपाठी के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गठित समिति के साथ बातचीत जारी होने के बावजूद छात्रों के आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, एक अन्य परास्नातक छात्र ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ‘वैध छात्रों’ की सुरक्षा का हवाला देना छात्र समुदाय को बांटने की कोशिश हो सकती है।
जामिया में यह प्रदर्शन 12 अक्टूबर को शुरू हुआ था। छात्र वर्ष 2006 में भंग किए गए छात्र संघ को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी कक्षाएं ऑनलाइन करने का फैसला लिया है।








