Explore

Search

October 22, 2026 5:27 pm

लेटेस्ट न्यूज़

लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: आशीष मिश्रा की याचिका पर 26 अक्टूबर को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय वर्ष 2021 के चर्चित लखीमपुर खीरी हिंसा मामले से जुड़ी एक याचिका पर आगामी 26 अक्टूबर को सुनवाई कर सकता है। किसानों के आंदोलन के दौरान हुई इस घटना में आठ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह सुनवाई ऐसे समय में हो रही है जब मामले का न्यायिक विचारण (ट्रायल) अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है और साथ ही पीठासीन अधिकारी के आचरण की भी समीक्षा की जा रही है।

प्रधान न्यायाधीश की पीठ करेगी मामले पर सुनवाई

शीर्ष अदालत की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की त्रिस्तरीय पीठ पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे एवं मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करेगी।

उल्लेखनीय है कि आशीष मिश्रा ने पूर्व में जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिसे स्वीकार करने के बाद उन्होंने जमानत की शर्तों में ढील देने का आग्रह किया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने 6 अगस्त को शर्तों में किसी भी तरह की अतिरिक्त छूट देने से स्पष्ट इनकार कर दिया था।

मुकदमे और जांच की वर्तमान स्थिति

गवाहों की स्थिति: निचली अदालत में अभियोजन पक्ष के कुल 130 गवाहों में से अब तक 86 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

तय किए गए आरोप: दिसंबर 2023 में विचारण अदालत ने आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य संगीन धाराओं के तहत आरोप तय कर मुख्य मुकदमे का मार्ग प्रशस्त किया था।

न्यायिक आचरण पर उठे सवाल और उच्च न्यायालय को निर्देश

पीडि़त पक्ष के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अदालत के समक्ष यह गंभीर मुद्दा उठाया कि संबंधित पीठासीन अधिकारी का रवैया आपत्तिजनक रहा है, जिन्होंने कई आपराधिक मामलों को स्वयं स्थानांतरित कर अभियुक्तों को बरी किया था।

इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को त्वरित कार्रवाई करने और जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।

उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने सूचित किया कि आरोपों की जांच हेतु एक प्रशासनिक समिति का गठन किया जा रहा है। सर्वोच्च अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह फिलहाल आरोपों या उनके जवाब पर कोई टिप्पणी नहीं कर रही है।

घटना की पृष्ठभूमि

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया क्षेत्र में 3 अक्टूबर 2021 को तत्कालीन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम के विरोध के दौरान भडक़ी हिंसा में एक एसयूवी गाड़ी ने चार किसानों को रौंद दिया था। इसके बाद भडक़ी उग्र भीड़ ने कथित तौर पर एक चालक और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस दुखद घटना में एक पत्रकार की भी मृत्यु हुई थी।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर