राजस्थान के कोटा में दुर्गा विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें चार लोगों की जान चली गई। विसर्जन के दौरान नाव नहर में पलट गई, जिससे उसमें सवार लोग पानी में गिर गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने लापता लोगों की तलाश शुरू की। करीब 18 घंटे की मशक्कत के बाद चारों के शव नहर से बाहर निकाले गए। इस घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर छा गई।
जानकारी के अनुसार, दुर्गा विसर्जन के दौरान लोग धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान नहर में नाव पलटने से हादसा हो गया। नाव पलटते ही उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे पानी में गिर गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने मदद की कोशिश की। इसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया और लापता लोगों की तलाश की जाने लगी।
18 घंटे तक चला तलाश अभियान
हादसे के बाद नहर में लापता लोगों की तलाश करना बचाव दल के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। काफी देर तक चले अभियान के बाद करीब 18 घंटे में चारों लोगों के शव बरामद किए गए। मृतकों में चचेरे भाई भी शामिल बताए गए हैं। एक ही परिवार के सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की खबर मिलते ही आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल बन गया।
त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं
दुर्गा विसर्जन का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा था, लेकिन नाव पलटने की घटना ने खुशियों को मातम में बदल दिया। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और परिचितों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। धार्मिक आयोजन के दौरान हुए इस हादसे ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
नदी-नहरों में विसर्जन के दौरान सावधानी जरूरी
धार्मिक आयोजनों के दौरान नदी, तालाब और नहरों में विसर्जन करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। नाव में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाना, लाइफ जैकेट का इस्तेमाल नहीं करना और तेज बहाव वाले पानी में उतरना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे आयोजनों में प्रशासन और आयोजकों की ओर से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
कोटा में हुए इस हादसे ने चार परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। त्योहार के अवसर पर हुई इस त्रासदी ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।








