देहरादून: दशहरे के अवसर पर देशभर में रावण दहन की तैयारियां की जाती हैं, लेकिन कुछ जगहों पर इस पर्व को मनाने का अंदाज बेहद खास होता है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 181 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। वहीं, दिल्ली में कॉकरोच के पुतले का दहन किए जाने की परंपरा भी लोगों के बीच चर्चा में है। इन अनोखी परंपराओं के चलते दशहरे का उत्सव और भी दिलचस्प हो जाता है।
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किए जाने की स्मृति में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस पर्व को स्थानीय मान्यताओं, सांस्कृतिक परंपराओं और विशेष आयोजनों के साथ मनाया जाता है।
देहरादून में 181 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन
इस आयोजन को आकर्षक बनाने के लिए रावण के पुतले में विशेष सजावट और आतिशबाजी की व्यवस्था की गई है। पुतले का दहन रिमोट के जरिए किया जाएगा। दशहरे के अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं। परेड ग्राउंड के आसपास बैरियर लगाए गए हैं और कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी।
दिल्ली में रावण के साथ जलेगा 30 फीट का कॉकरोच
दिल्ली के पीतमपुरा स्थित श्री केशव रामलीला कमेटी के आयोजन में इस बार 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का दहन भी किया जाएगा। इसे पारंपरिक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ जलाने की योजना बनाई गई है। आयोजकों का कहना है कि कॉकरोच को गंदगी और अस्वच्छता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस पहल के जरिए लोगों को साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा इसलिए भी बढ़ी है, क्योंकि राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ा विवाद भी सुर्खियों में है। हालांकि, आयोजकों ने इस आयोजन को स्वच्छता के संदेश से जोड़कर देखा है।
दशहरे पर अलग-अलग संदेश देने की कोशिश
दशहरे पर रावण दहन की परंपरा भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। समय के साथ कई जगहों पर आयोजक इस परंपरा के साथ सामाजिक मुद्दों को भी जोड़ रहे हैं। कहीं विशालकाय पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बनते हैं, तो कहीं गंदगी, प्रदूषण और दूसरी सामाजिक समस्याओं को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया जाता है।
देहरादून का 181 फीट ऊंचा रावण और दिल्ली का 30 फीट का कॉकरोच इस साल के दशहरा आयोजनों को खास बना रहे हैं। दोनों शहरों में आयोजन के जरिए मनोरंजन के साथ अलग-अलग संदेश देने की कोशिश की जा रही है।








