सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने सर्राफा बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है। दिल्ली में इस सप्ताह दोनों कीमती धातुओं के भाव में बड़ी नरमी देखने को मिली है। खास तौर पर चांदी की कीमत में करीब 13,500 रुपये की गिरावट की खबर सामने आई है। वहीं, सोने के दाम भी नीचे आए हैं। ऐसे में सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बाजार के ताजा भाव पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
सोना और चांदी भारतीय बाजार में निवेश के साथ-साथ आभूषणों की खरीदारी के लिए भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। शादी-ब्याह और त्योहारों के मौसम में कीमतों में होने वाले बदलाव का सीधा असर ग्राहकों के बजट पर पड़ता है। ऐसे में एक सप्ताह के भीतर आई यह गिरावट खरीदारों के लिए अहम खबर है।
दिल्ली में सोने की कीमतों में आई नरमी
दिल्ली के सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोने के भाव में बदलाव का असर 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की खरीदारी पर पड़ता है। 24 कैरेट सोना मुख्य रूप से निवेश और सिक्कों या छड़ों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि 22 कैरेट सोना आमतौर पर आभूषण बनाने में अधिक प्रचलित है।
हालांकि, सोने की कीमत केवल एक दिन के उतार-चढ़ाव से तय नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदें और निवेशकों की मांग जैसे कई कारक इसके भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए खरीदारी करने से पहले संबंधित दिन का ताजा रेट जांचना जरूरी है।
चांदी की कीमत में ₹13,500 की गिरावट
सोने के मुकाबले चांदी की कीमत में इस सप्ताह आई बड़ी गिरावट ने बाजार में खास चर्चा पैदा की है। रिपोर्ट के अनुसार, चांदी के भाव में करीब 13,500 रुपये की कमी आई है। चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा बर्तन, सिक्के और औद्योगिक उत्पादों में भी किया जाता है। इसलिए इसकी कीमतों में होने वाला बदलाव आम खरीदारों से लेकर कारोबारियों तक को प्रभावित करता है।
हालांकि, चांदी का वास्तविक भाव इस बात पर निर्भर करता है कि कीमत किस बाजार, किस तारीख और किस श्रेणी के आधार पर बताई जा रही है। वायदा बाजार और स्थानीय सर्राफा बाजार के भाव अलग-अलग हो सकते हैं।
सोने-चांदी के दाम क्यों गिरते हैं?
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई कारण होते हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, महंगाई और निवेशकों की मांग प्रमुख हैं।
जब निवेशक दूसरे विकल्पों की ओर रुख करते हैं या वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव आता है, तो कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। इसके उलट, अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग में तेजी भी देखने को मिल सकती है। चांदी की कीमत पर औद्योगिक मांग का भी प्रभाव पड़ता है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप दिल्ली में सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें।
- सोने की शुद्धता: आभूषण खरीदते समय 22 कैरेट या 24 कैरेट की जानकारी जरूर लें और हॉलमार्क जांचें।
- ताजा भाव: खरीदारी के दिन अपने स्थानीय सर्राफा बाजार से कीमत की पुष्टि करें।
- मेकिंग चार्ज: सोने के आभूषणों की कीमत में मेकिंग चार्ज भी जुड़ सकता है।
- GST: अंतिम बिल में लागू कर और अन्य शुल्क शामिल हो सकते हैं।
- चांदी की शुद्धता: चांदी के आभूषण या सिक्के खरीदते समय उनकी शुद्धता और वजन की जांच करें।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
कीमतों में गिरावट के बाद खरीदारी करने वालों की दिलचस्पी बढ़ सकती है, लेकिन केवल एक सप्ताह की गिरावट के आधार पर आगे के भाव का अनुमान लगाना सही नहीं है। सोना और चांदी दोनों की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए खरीदारी का फैसला अपने बजट, जरूरत और बाजार के ताजा भाव को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
निष्कर्ष: दिल्ली में इस सप्ताह सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की खबर खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है। चांदी के भाव में करीब 13,500 रुपये की कमी बताई गई है, जबकि सोना भी सस्ता हुआ है। हालांकि, 17 अक्टूबर 2026 के दिल्ली बाजार के सटीक प्रति 10 ग्राम सोने और प्रति किलोग्राम चांदी के भाव की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए खरीदारी से पहले ताजा स्थानीय रेट जरूर जांचें।








