दिल्ली में अभिजीत दिपके से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कोर्ट ने अभिजीत दिपके को शर्तों के साथ जमानत दे दी है। दिल्ली पुलिस की हिरासत के बाद अदालत से मिली इस राहत को मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। जमानत मिलने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत की ओर से निर्धारित शर्तों के पालन पर नजर रहेगी।
कोर्ट से मिली सशर्त जमानत
अभिजीत दिपके की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें शर्तों के साथ राहत दी। सशर्त जमानत का अर्थ है कि संबंधित व्यक्ति को निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करते हुए रिहा होने की अनुमति मिलती है। इन शर्तों में मामले के अनुसार जांच में सहयोग करना, जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के सामने पेश होना या अदालत के निर्देशों का पालन करना शामिल हो सकता है। हालांकि, अभिजीत दिपके के मामले में अदालत ने वास्तव में कौन-कौन सी शर्तें लगाई हैं, इसकी पुष्टि आधिकारिक आदेश से ही की जा सकती है।
50 हजार रुपये के पीस बॉन्ड पर मिली राहत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने अभिजीत दिपके को 50 हजार रुपये का पीस बॉन्ड यानी शांति बनाए रखने से संबंधित जमानती बॉन्ड भरने का निर्देश दिया है। बॉन्ड से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अदालत ने उन्हें शांति बनाए रखने और बॉन्ड की शर्तों का पालन करने का निर्देश भी दिया है।
तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए गए थे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके को शुक्रवार को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने उन्हें नई दिल्ली स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था। इसके बाद शनिवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
निषेधाज्ञा के उल्लंघन को लेकर हुई कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के आधार पर एहतियाती कार्रवाई की थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान निषेधाज्ञा के उल्लंघन को लेकर कई एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस का कहना था कि लोगों को बार-बार एकत्र नहीं होने की चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद कुछ स्थानों पर भीड़ जमा हुई।
जमानत के बाद आगे क्या?
कोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद अब अभिजीत दिपके की रिहाई की प्रक्रिया और निर्धारित शर्तों के पालन पर ध्यान रहेगा। जमानत मिलना मामले में अंतिम फैसला नहीं होता, बल्कि यह कानूनी प्रक्रिया का एक चरण है। आगे की कार्रवाई संबंधित आदेशों और मामले के तथ्यों के अनुसार होगी।
फिलहाल, दिल्ली में अभिजीत दिपके को मिली जमानत CJP से जुड़े घटनाक्रम में अहम अपडेट है। अदालत के आदेश के बाद उनकी रिहाई के लिए पीस बॉन्ड की औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं।








