Explore

Search

October 17, 2026 10:46 pm

लेटेस्ट न्यूज़

बेटी ईशा अंबानी की शिकायत बनी Jio की वजह, मुकेश अंबानी के एक फैसले ने बदल दी भारत की टेलीकॉम दुनिया

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

भारत में इंटरनेट और मोबाइल डेटा के इस्तेमाल की बात होती है, तो रिलायंस जियो का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। आज Jio देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में शामिल है, लेकिन इसकी शुरुआत के पीछे एक दिलचस्प किस्सा भी जुड़ा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी बेटी ईशा अंबानी से जुड़ी एक घटना से प्रेरणा लेकर डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी योजना बनाई थी। इसी सोच ने आगे चलकर Jio की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ईशा अंबानी की शिकायत से मिला डिजिटल कनेक्टिविटी पर ध्यान देने का विचार

मीडिया में प्रकाशित किस्सों के मुताबिक, जब ईशा अंबानी अमेरिका में पढ़ाई कर रही थीं, तब उन्होंने इंटरनेट की धीमी गति को लेकर शिकायत की थी। बताया जाता है कि उन्होंने अपने पिता मुकेश अंबानी से कहा था कि घर पर इंटरनेट की स्पीड इतनी धीमी है कि पढ़ाई और डिजिटल कामों में परेशानी होती है। इस अनुभव ने मुकेश अंबानी का ध्यान भारत में बेहतर इंटरनेट सुविधाओं की जरूरत की ओर आकर्षित किया।

उस समय इंटरनेट की पहुंच और उसकी गुणवत्ता आज जैसी नहीं थी। डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ रहा था, लेकिन तेज और किफायती इंटरनेट हर किसी तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे में मुकेश अंबानी ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल नेटवर्क और डेटा सेवाओं में बड़े निवेश की दिशा में कदम बढ़ाया।

मुकेश अंबानी की बड़ी योजना और Jio का सफर

रिलायंस ने दूरसंचार क्षेत्र में अपनी रणनीति के तहत 4G तकनीक पर आधारित नेटवर्क तैयार किया। कंपनी का उद्देश्य केवल मोबाइल कॉलिंग तक सीमित रहना नहीं था, बल्कि लोगों को तेज इंटरनेट, वीडियो स्ट्रीमिंग, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना भी था।

रिलायंस जियो ने 2016 में व्यावसायिक रूप से अपनी सेवाएं शुरू कीं। शुरुआती दौर में मुफ्त वॉयस कॉल और आकर्षक डेटा प्लान ने बाजार में व्यापक चर्चा पैदा की। इससे भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ी और दूसरी कंपनियों को भी अपने टैरिफ तथा डेटा सेवाओं की रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ा।

Jio की एंट्री से टेलीकॉम बाजार में बढ़ी प्रतिस्पर्धा

Jio के आने के बाद मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से आम लोगों तक पहुंचा। कम कीमत वाले डेटा प्लान और 4G सेवाओं ने वीडियो देखने, ऑनलाइन पढ़ाई करने, डिजिटल मनोरंजन और इंटरनेट आधारित कारोबार को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई। स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ भारत में डिजिटल सेवाओं का दायरा भी विस्तृत हुआ।

हालांकि, इस बदलाव में स्मार्टफोन की बढ़ती उपलब्धता, सरकारी डिजिटल पहलों, नेटवर्क विस्तार और दूसरी टेलीकॉम कंपनियों के निवेश का भी योगदान रहा। इसलिए भारत में डिजिटल क्रांति को केवल किसी एक कंपनी या एक घटना का परिणाम मानना सही नहीं होगा।

एक विचार से बड़े कारोबार तक का सफर

ईशा अंबानी से जुड़ा यह किस्सा बताता है कि रोजमर्रा की किसी समस्या को भी बड़े कारोबारी विचार में बदला जा सकता है। मुकेश अंबानी ने डिजिटल कनेक्टिविटी को भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा और रिलायंस ने इस दिशा में बड़े स्तर पर निवेश किया। 2016 में Jio की शुरुआत के बाद कंपनी ने भारतीय दूरसंचार बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई।

आज Jio की कहानी केवल एक टेलीकॉम कंपनी के विस्तार तक सीमित नहीं है। यह भारत में मोबाइल इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल, डेटा सेवाओं की प्रतिस्पर्धा और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार से भी जुड़ी हुई है। ईशा अंबानी की शिकायत से जुड़ा चर्चित किस्सा इसी बड़े कारोबारी सफर का एक दिलचस्प पहलू है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर