भोपाल, मध्य प्रदेश: त्विषा शर्मा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2026 को अहम आदेश देते हुए भोपाल की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। साथ ही, केस को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग भी महत्वपूर्ण हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में CBI, समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
इस मामले में त्विषा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमे को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है। याचिका में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आशंका जताई गई है। हालांकि, ये याचिकाकर्ता की ओर से रखी गई दलीलें हैं और इन्हें अदालत का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल की अदालत में ट्रायल की कार्यवाही फिलहाल रोक दी गई है। इसका अर्थ यह है कि अगले आदेश तक संबंधित कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी। वहीं, केस को दिल्ली स्थानांतरित करने के अनुरोध पर अभी अंतिम फैसला आना बाकी है। अदालत संबंधित पक्षों के जवाब और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद आगे का निर्णय ले सकती है।
किसी मामले को एक अदालत से दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने का फैसला संबंधित कानूनी प्रावधानों, उपलब्ध तथ्यों और पक्षकारों की दलीलों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट का आगामी रुख महत्वपूर्ण रहेगा। अदालत की ओर से जारी नोटिस के बाद अब संबंधित पक्षों के जवाब पर नजर रहेगी।
त्विषा शर्मा मामले में सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल दो बातें अहम हैं—भोपाल की ट्रायल कोर्ट में कार्यवाही पर लगी रोक और केस को दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग। दिल्ली में मुकदमे की सुनवाई होगी या नहीं, यह सुप्रीम कोर्ट के आगामी आदेश से स्पष्ट होगा। तब तक मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के निर्देश महत्वपूर्ण बने रहेंगे।








