आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान दूर करने और तुरंत एनर्जी पाने के लिए एनर्जी ड्रिंक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। युवा हों या कामकाजी लोग, कई लोग पढ़ाई, ऑफिस या वर्कआउट के दौरान खुद को एक्टिव रखने के लिए इन पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद अधिक शुगर और कैफीन का ज्यादा सेवन सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकता है? नियमित रूप से अधिक मात्रा में मीठे पेय पीने से वजन बढ़ने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने में परेशानी और फैटी लिवर जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि, हर एनर्जी ड्रिंक की सामग्री एक जैसी नहीं होती। इसका असर उसमें मौजूद शुगर, कैफीन और अन्य पदार्थों की मात्रा के साथ-साथ व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और सेवन की आदतों पर भी निर्भर करता है। ऐसे में बेहतर है कि प्यास बुझाने और रोजमर्रा में तरोताजा महसूस करने के लिए पानी और कम या बिना अतिरिक्त शुगर वाले घरेलू पेय पदार्थों को प्राथमिकता दी जाए।
एनर्जी ड्रिंक का ज्यादा सेवन क्यों हो सकता है नुकसानदायक?
1. ज्यादा शुगर से बढ़ सकता है वजन: कई एनर्जी ड्रिंक्स में काफी मात्रा में अतिरिक्त शुगर होती है। इनका नियमित और ज्यादा सेवन शरीर में अतिरिक्त कैलोरी पहुंचा सकता है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है।
2. फैटी लिवर का जोखिम: अधिक मात्रा में मीठे पेय पीने की आदत नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज यानी मेटाबॉलिक डिसफंक्शन से जुड़ी फैटी लिवर बीमारी के जोखिम से संबंधित हो सकती है। खासकर लंबे समय तक अधिक शुगर और कैलोरी लेने पर इसका खतरा बढ़ सकता है।
3. कैफीन से नींद पर असर: एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन कुछ लोगों में बेचैनी, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होने और नींद में परेशानी का कारण बन सकता है। देर शाम या रात में इनका सेवन नींद की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकता है।
4. ब्लड शुगर पर प्रभाव: अधिक शुगर वाले पेय ब्लड ग्लूकोज को तेजी से बढ़ा सकते हैं। डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहे लोगों को ऐसे पेय चुनते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
5. दांतों को नुकसान: मीठे और अम्लीय पेय पदार्थों का बार-बार सेवन दांतों में सड़न और इनेमल को नुकसान पहुंचने का जोखिम बढ़ा सकता है।
6. किडनी की सेहत पर संभावित असर: ज्यादा मीठे पेय का नियमित सेवन मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसे जोखिम कारकों से जुड़ा हो सकता है, जो लंबे समय में किडनी की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि हर एनर्जी ड्रिंक सीधे किडनी को नुकसान पहुंचाती है।
घर पर बनाएं 10 हेल्दी होममेड ड्रिंक्स
एनर्जी ड्रिंक के बजाय आप घर पर आसानी से बनने वाले पेय पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। इन ड्रिंक्स में अतिरिक्त चीनी डालने से बचें और अपनी जरूरत के अनुसार इनका सेवन करें।
1. नींबू पानी: एक गिलास साफ पानी में नींबू का रस मिलाएं। स्वाद के लिए थोड़ा पुदीना डाल सकते हैं। इसमें अतिरिक्त चीनी और नमक डालने से बचें। यह गर्मी में ताजगी देने वाला आसान विकल्प है।
2. नारियल पानी: नारियल पानी में पोटैशियम सहित कई इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं। यह सामान्य गतिविधियों के दौरान तरल पदार्थों की पूर्ति में मदद कर सकता है। किडनी की बीमारी या पोटैशियम नियंत्रित रखने की सलाह पाने वाले लोग डॉक्टर से पूछकर इसका सेवन करें।
3. छाछ: दही में पानी मिलाकर छाछ तैयार करें। इसमें भुना जीरा और पुदीना मिला सकते हैं। छाछ भोजन के साथ लिया जाने वाला अच्छा विकल्प है। नमक सीमित रखें, खासकर अगर आपको ब्लड प्रेशर की समस्या है।
4. सत्तू का पेय: सत्तू को साफ पानी में अच्छी तरह घोलकर उसमें नींबू और थोड़ा जीरा मिला सकते हैं। यह प्रोटीन और फाइबर का स्रोत हो सकता है। अतिरिक्त नमक डालने से बचें।
5. खीरा-पुदीना पानी: खीरे के टुकड़े और पुदीने की पत्तियां पानी में डालकर कुछ देर रख दें। इसका स्वाद हल्का और ताजा होता है। यह पानी पीने की आदत को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
6. तरबूज का पेय: तरबूज को पानी के साथ ब्लेंड करके बिना चीनी मिलाए पिएं। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। हालांकि, जूस की तुलना में साबुत फल खाने से फाइबर अधिक मिलता है।
7. बिना चीनी की आइस्ड ग्रीन टी: ग्रीन टी बनाकर ठंडी करें और चाहें तो इसमें नींबू डालें। इसमें कैफीन होता है, इसलिए कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को इसका सेवन सीमित रखना चाहिए। बच्चों के लिए कैफीनयुक्त पेय उपयुक्त विकल्प नहीं हैं।
8. अदरक-नींबू पानी: पानी में अदरक के कुछ टुकड़े उबालकर ठंडा कर लें और फिर थोड़ा नींबू मिलाएं। यह स्वादिष्ट घरेलू पेय हो सकता है। इसे किसी बीमारी का इलाज या शरीर को डिटॉक्स करने वाला चमत्कारी उपाय न समझें।
9. बिना चीनी की लस्सी: दही और पानी को मिलाकर पतली लस्सी बनाएं। इसमें इलायची या पुदीना डाल सकते हैं। मीठी लस्सी के बजाय बिना अतिरिक्त चीनी वाला विकल्प चुनना बेहतर है।
10. सादा ठंडा पानी: सबसे आसान और जरूरी विकल्प पानी है। सामान्य दैनिक गतिविधियों के दौरान शरीर में पानी की कमी पूरी करने के लिए सादा पानी पर्याप्त हो सकता है। गर्मी, पसीने और शारीरिक गतिविधि के अनुसार पानी की जरूरत बदल सकती है।
एनर्जी ड्रिंक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
एनर्जी ड्रिंक खरीदने से पहले उसके लेबल पर कुल शुगर, कैफीन और प्रति सर्विंग मात्रा जरूर देखें। केवल पैकेट पर लिखे ‘एनर्जी’ या ‘हेल्दी’ जैसे शब्दों के आधार पर किसी पेय को सेहतमंद न मानें। एक कैन में कितनी सर्विंग हैं, यह भी जांचें, क्योंकि पूरी कैन पीने पर शुगर और कैफीन की कुल मात्रा बढ़ सकती है।
बच्चों और किशोरों को एनर्जी ड्रिंक्स से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों और हृदय या ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को भी इनके सेवन को लेकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
सेहतमंद रहने के लिए क्या करें?
अगर आप दिनभर थकान महसूस करते हैं, तो केवल एनर्जी ड्रिंक पर निर्भर न रहें। पर्याप्त नींद लें, संतुलित भोजन करें, नियमित रूप से पानी पिएं और अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधि करें। लगातार थकान, चक्कर या कमजोरी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
ध्यान रखें: कोई भी घरेलू ड्रिंक संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि का विकल्प नहीं है। बिना अतिरिक्त चीनी वाले पेय चुनना एक अच्छी आदत हो सकती है, लेकिन किसी खास पेय से फैटी लिवर या किडनी की बीमारी का इलाज होने का दावा सही नहीं है।








