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October 10, 2026 2:58 pm

अभिजीत हिरासत में, पहले से रिकॉर्ड बयान में अजिंक्य शिंदे को सौंपी आंदोलन की जिम्मेदारी; कॉकरोच पार्टी के नेता भी हिरासत में

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दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। उनके साथ पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हुई। इस बीच, अभिजीत के पहले से रिकॉर्ड किए गए बयान में अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपने की बात सामने आई है।

विमान के अंदर से हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अभिजीत दीपके और उनके सहयोगी दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। विमान के दिल्ली में उतरने के बाद पुलिसकर्मी उसके अंदर पहुंचे और नेताओं को हिरासत में ले लिया।

इस दौरान विमान के भीतर पुलिस और नेताओं के बीच बातचीत भी हुई। अभिजीत ने पुलिसकर्मियों से सवाल किया कि यात्रियों को विमान से उतरने देने के बाद कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया।

अभिजीत दीपके के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।

पहले से रिकॉर्ड बयान में अजिंक्य शिंदे का नाम

अभिजीत की हिरासत के बाद उनके पहले से रिकॉर्ड किए गए बयान को लेकर भी चर्चा हुई। इस बयान में उन्होंने अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपने की बात कही। इससे प्रदर्शन के नेतृत्व और आगे की रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे।

अजिंक्य शिंदे CJP के संगठनात्मक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी के पिछले प्रदर्शनों के आयोजन और कार्यकर्ताओं के प्रबंधन में भी उनकी भूमिका बताई गई है।

अभिजीत की अनुपस्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी किस तरह निभाई जाएगी, यह आने वाले घटनाक्रम से स्पष्ट होगा। बयान में कही गई बातों और पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी को अलग-अलग समझना भी जरूरी है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की क्या थी वजह?

CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। पार्टी की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी थी। संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।

पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए। CJP ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

हालांकि, पार्टी के आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही इन दावों का आकलन किया जा सकता है।

दिल्ली में 1,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने की रिपोर्ट

प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन से पहले रात में कम से कम 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया। वहीं, प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे अपने आंदोलन को रोकने की कोशिश बताया।

यहां ध्यान देना जरूरी है कि दिल्ली में 1,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने की रिपोर्ट और CJP नेताओं की हिरासत से जुड़ी घटनाएं अलग-अलग स्तरों पर हुईं। इसलिए सभी हिरासत में लिए गए लोगों को केवल पार्टी का सदस्य बताना सही नहीं होगा।

प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी विवाद

CJP के प्रदर्शन को लेकर पहले भी अनुमति का मुद्दा सामने आया था। मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को आयोजित प्रदर्शन के लिए पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद वहां प्रदर्शन हुआ और बाद में पार्टी नेताओं तथा समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की खबरें आईं।

इसके बाद CJP ने दिल्ली में प्रदर्शन करने का ऐलान किया। पार्टी ने इसे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग से जुड़ा आंदोलन बताया, जबकि पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

आगे क्या होगा?

अभिजीत दीपके की हिरासत और उनके पहले से रिकॉर्ड बयान के बाद अब सबकी नजर CJP के अगले कदम पर है। अजिंक्य शिंदे आंदोलन की जिम्मेदारी किस तरह संभालते हैं और पार्टी अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए क्या रणनीति अपनाती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकता है।

निष्कर्ष: 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया। अभिजीत के रिकॉर्डेड बयान में अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपने की बात सामने आई। वहीं, प्रदर्शन से पहले दिल्ली में कम से कम 1,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट भी आई। मामले में पुलिस की कार्रवाई, पार्टी की मांगों और चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों को अलग-अलग तथ्यों और आधिकारिक पक्ष के आधार पर समझना जरूरी है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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