टीवी प्रेजेंटर और बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा का नाम महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप सिंडिकेट की जांच से जुड़ी चार्जशीट में सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुताबिक, शेफाली बग्गा ने इस मामले की जांच के दौरान एजेंसी को करीब ₹1.20 करोड़ की रकम सौंप दी है। एजेंसी के अनुसार, यह रकम बेटिंग ऐप के प्रमोशनल वीडियो से जुड़े भुगतान का हिस्सा थी।
प्रमोशनल वीडियो के लिए मिली थी रकम
ED की जांच के मुताबिक, शेफाली बग्गा को महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े प्रमोशनल वीडियो बनाने के लिए कुल ₹1.5 करोड़ का भुगतान किया गया था। एजेंसी से पूछताछ के बाद उन्होंने ₹1.20 करोड़ की रकम ED को सौंप दी। रिपोर्ट के अनुसार, बग्गा ने जांच एजेंसी के सामने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जिस ऐप का प्रचार किया जा रहा था, वह अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा है।
यह मामला ED की उस व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसमें ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अपराध से अर्जित रकम के इस्तेमाल की जांच की जा रही है।
ED की चार्जशीट में कई नाम
ED ने इस मामले में छत्तीसगढ़ की रायपुर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, चार्जशीट में 42 लोगों के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसी ने महादेव बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और अपराध से अर्जित रकम को अलग-अलग कारोबारों और संपत्तियों तक पहुंचाए जाने के आरोपों की भी जांच की है।
ED के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि सिंडिकेट से जुड़ी कथित रकम को कंपनियों और निवेश के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की गई। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में पैसों के लेनदेन और उनके स्रोत की पड़ताल कर रही है।
कई सेलिब्रिटीज से भी पूछताछ हो चुकी है
महादेव ऑनलाइन बेटिंग मामले की जांच के दौरान ED पहले भी मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोगों को समन कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि कुछ सेलिब्रिटीज ने कथित तौर पर ऐसे प्लेटफॉर्म के प्रचार से जुड़े वीडियो बनाए या उनके कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।
ED की कार्रवाई का दायरा केवल प्रमोशन तक सीमित नहीं है। एजेंसी लंबे समय से इस कथित सिंडिकेट के नेटवर्क, उसके प्रमोटर्स और अपराध से अर्जित रकम को खपाने के तरीकों की जांच कर रही है।
महादेव ऐप मामले में लगातार कार्रवाई
महादेव ऑनलाइन बेटिंग मामले में ED की कार्रवाई पिछले कई वर्षों से जारी है। एजेंसी ने अलग-अलग चरणों में संपत्तियां जब्त और कुर्क करने के साथ कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। मार्च 2026 में ED ने बताया था कि उसने इस मामले में दुबई और दिल्ली स्थित करीब ₹1,700 करोड़ की संपत्तियां अनंतिम रूप से कुर्क की थीं।
ED के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट के रूप में संचालित किया जा रहा था और इसके नेटवर्क में कई प्लेटफॉर्म तथा पैनल शामिल थे। मामले में आगे की जांच जारी है।
शेफाली बग्गा मामले में आगे क्या?
शेफाली बग्गा की ओर से ₹1.20 करोड़ ED को सौंपे जाने की जानकारी सामने आने के बाद इस मामले में उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में चर्चा का विषय बनी है। हालांकि, किसी व्यक्ति द्वारा जांच के दौरान रकम सौंपना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। इस मामले में अंतिम स्थिति अदालत में होने वाली कार्यवाही और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
फिलहाल ED महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है और चार्जशीट में दर्ज आरोपों पर आगे कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।








