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September 29, 2026 12:12 pm

कम उम्र में हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा! खराब दिनचर्या, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता पर डॉक्टरों की चेतावनी

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हार्ट अटैक को लंबे समय तक उम्रदराज लोगों से जुड़ी समस्या माना जाता रहा है, लेकिन अब कम उम्र में भी दिल से जुड़ी परेशानियों के मामले सामने आ रहे हैं। बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी, असंतुलित खान-पान, नींद की कमी और लगातार तनाव जैसे कई कारक हृदय स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं।

हालांकि, हर युवा में हार्ट अटैक का कारण एक जैसा नहीं होता। आनुवंशिक कारण, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं।

खराब दिनचर्या बन सकती है जोखिम का कारण

आज की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग घंटों तक लगातार बैठे रहते हैं। ऑफिस या पढ़ाई के दौरान शारीरिक गतिविधि कम होना और नियमित व्यायाम न करना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। शारीरिक निष्क्रियता से वजन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे जोखिम कारकों को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।

डॉक्टर आमतौर पर नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद को दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।

तनाव और नींद की कमी पर भी ध्यान जरूरी

लगातार तनाव और पर्याप्त नींद न लेना भी आधुनिक जीवनशैली की आम समस्याएं बन गई हैं। लंबे समय तक तनाव रहने पर शरीर में ऐसे बदलाव हो सकते हैं जो हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इसी तरह लगातार कम नींद लेना भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

इसलिए युवाओं को काम या पढ़ाई के साथ आराम, नींद और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी पर्याप्त समय देना चाहिए।

खान-पान की आदतें भी महत्वपूर्ण

अत्यधिक नमक, चीनी, संतृप्त वसा और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। इसके बजाय भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना बेहतर माना जाता है।

सिर्फ बाहर का खाना बंद करना ही पर्याप्त नहीं है। कुल डाइट, मात्रा और नियमितता भी महत्वपूर्ण होती है।

किन लोगों को अधिक सावधान रहना चाहिए?

जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल है, उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास होने पर भी डॉक्टर से जोखिम के बारे में सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

धूम्रपान हृदय रोग के महत्वपूर्ण जोखिम कारकों में शामिल है। इसलिए इससे दूरी बनाना दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

हार्ट अटैक के लक्षणों को नजरअंदाज न करें

सीने में दबाव या दर्द, सांस लेने में परेशानी, अचानक कमजोरी, ठंडा पसीना, चक्कर या दर्द का हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना हार्ट अटैक के संभावित संकेत हो सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति में लक्षण एक जैसे नहीं होते।

ऐसे लक्षण अचानक दिखाई दें या तेजी से बढ़ें, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

युवाओं के लिए क्या जरूरी है?

दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश और तंबाकू से दूरी महत्वपूर्ण है। साथ ही ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे स्वास्थ्य संकेतकों की जरूरत के अनुसार जांच कराते रहना चाहिए।

कम उम्र होना हृदय संबंधी समस्या से पूरी तरह सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है। हालांकि, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और जोखिम कारकों की समय पर पहचान से हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है। हार्ट अटैक या किसी अन्य हृदय संबंधी समस्या के लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें और व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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