बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। 26 सितंबर 2026 को दिए अपने बयान में उन्होंने विपक्ष पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भ्रम और अविश्वास फैलाने का आरोप लगाया। सरावगी ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी SIR का विरोध कर रहे हैं क्योंकि, उनके दावे के मुताबिक, उनकी राजनीतिक जमीन कमजोर हो रही है।
SIR को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
सरावगी ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और मतदाता सूची को अपडेट तथा सत्यापित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने विपक्ष के सवालों पर पलटवार करते हुए पूछा कि जिन विधानसभा सीटों पर विपक्षी उम्मीदवार चुनाव जीतते हैं, वहां SIR को लेकर गड़बड़ी के आरोप क्यों नहीं लगाए जाते।
उनके मुताबिक, चुनाव के समय मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाना विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बन गया है। हालांकि, ये सरावगी के राजनीतिक आरोप हैं और विपक्षी दल SIR तथा चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर अपनी अलग आपत्तियां और दावे रखते हैं।
कांग्रेस और आरजेडी पर भी टिप्पणी
संजय सरावगी ने कांग्रेस और आरजेडी को निशाने पर लेते हुए कहा कि दोनों दल SIR का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोगों के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं से कहा कि चुनाव आयोग या अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय उन्हें तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
‘जहां विपक्ष जीता, वहां SIR में गड़बड़ी क्यों नहीं?’
सरावगी ने अपने बयान में एक सवाल को खास तौर पर दोहराया। उन्होंने पूछा कि अगर SIR की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है तो उन क्षेत्रों में भी ऐसी शिकायतें क्यों नहीं सामने आतीं, जहां विपक्षी उम्मीदवार चुनाव जीतते हैं। उन्होंने इसे विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाने का आधार बनाया।
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची में मृत लोगों, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं या एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने जैसे मामलों का सत्यापन जरूरी है। सरावगी के अनुसार, ऐसी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर क्या कहा?
सरावगी ने चुनाव आयोग को संवैधानिक और स्वायत्त संस्था बताते हुए कहा कि उसकी चुनावी प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाने से संस्थाओं के प्रति अविश्वास का माहौल बन सकता है। उन्होंने विपक्ष से SIR से जुड़े अपने आरोपों को तथ्यों के साथ सामने रखने की अपील की।
हालांकि, SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से अलग-अलग आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और बहस जारी है।
बिहार की राजनीति में बयान के मायने
संजय सरावगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार की राजनीति में SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। बीजेपी की ओर से जहां मतदाता सूची के सत्यापन को जरूरी प्रक्रिया बताया जा रहा है, वहीं विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
सरावगी ने अपने बयान के जरिए बीजेपी के पक्ष को सामने रखा और कांग्रेस तथा आरजेडी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता विपक्ष की राजनीति को समझ रही है। यह बयान उनके राजनीतिक रुख और विपक्ष के खिलाफ बीजेपी के मौजूदा अभियान का हिस्सा है।








