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September 12, 2026 5:47 pm

जयपुर में रिकॉर्ड वोटिंग ने बढ़ाई सियासी हलचल, बीजेपी-कांग्रेस के अपने-अपने दावे; निर्दलीयों पर टिकी नजर

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जयपुर: जयपुर में बंपर मतदान के बाद अब चुनावी नतीजों को लेकर सियासी गुणा-गणित तेज हो गया है। रिकॉर्ड वोटिंग ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस दोनों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। मतदान के बाद दोनों प्रमुख दल अपने-अपने हिसाब से वोटिंग पैटर्न का विश्लेषण कर रहे हैं और जीत के दावे कर रहे हैं। वहीं, कई सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों के प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।

रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

जयपुर में अपेक्षा से ज्यादा मतदान को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। बीजेपी और कांग्रेस के नेता अपने-अपने समर्थक वोटरों के मतदान प्रतिशत के आधार पर नतीजों का अनुमान लगाने में जुटे हैं। दोनों ही दलों का मानना है कि ज्यादा मतदान उनके पक्ष में गया है।

हालांकि, ज्यादा वोटिंग का फायदा किस पार्टी को मिला, यह तस्वीर नतीजे आने के बाद ही साफ होगी। यही वजह है कि मतदान खत्म होने के बाद भी प्रत्याशियों और पार्टी नेताओं की बेचैनी बनी हुई है।

बीजेपी-कांग्रेस कर रही वोटिंग पैटर्न का विश्लेषण

मतदान के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने बूथ स्तर तक के आंकड़ों और वोटिंग ट्रेंड का आकलन शुरू कर दिया है। किस इलाके में मतदान बढ़ा, किन वार्डों में वोटरों ने ज्यादा उत्साह दिखाया और किन क्षेत्रों में कम मतदान हुआ, इन सभी पहलुओं को लेकर पार्टियों के स्तर पर चर्चा चल रही है।

बीजेपी अपने पारंपरिक वोट बैंक के साथ बढ़े मतदान को जोड़कर देख रही है, जबकि कांग्रेस भी अपने समर्थक वर्ग की सक्रियता को मजबूत संकेत के तौर पर देख रही है। ऐसे में दोनों दलों के बीच जीत के दावों का दौर तेज हो गया है।

निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी नजर

इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कुछ वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बना दिया है। अगर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर कम रहा, तो निर्दलीय प्रत्याशी नतीजों के बाद निर्णायक भूमिका में आ सकते हैं।

यही वजह है कि प्रमुख राजनीतिक दल अब निर्दलीय उम्मीदवारों के संभावित प्रदर्शन पर भी नजर बनाए हुए हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद बहुमत या बोर्ड बनाने के समीकरण में निर्दलीयों की भूमिका अहम हो सकती है।

नतीजों तक जारी रहेगा सियासी इंतजार

फिलहाल वोटिंग पूरी होने के बाद प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद है और नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। बीजेपी और कांग्रेस के अपने-अपने दावों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बढ़े हुए मतदान का फायदा आखिर किसके खाते में जाता है।

नतीजे सामने आने के बाद ही साफ होगा कि जयपुर के मतदाताओं ने किस पार्टी पर भरोसा जताया और क्या निर्दलीय प्रत्याशी वास्तव में ‘किंगमेकर’ की भूमिका में आते हैं।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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