नई दिल्ली: रात में सोने के कुछ घंटे बाद अचानक आंख खुल जाना कई लोगों के साथ होता है। कभी-कभार ऐसा होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर नींद बार-बार टूट रही है और दोबारा सोने में परेशानी हो रही है, तो इसके पीछे तनाव, कैफीन, सोने की गलत आदतें या कुछ स्वास्थ्य संबंधी कारण हो सकते हैं।
तनाव भी हो सकता है बड़ी वजह
तनाव और चिंता रात की नींद को प्रभावित कर सकते हैं। दिनभर की परेशानियों और ज्यादा सोच-विचार के कारण दिमाग पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाता, जिससे रात में नींद टूट सकती है।
कैफीन और चाय-कॉफी का असर
शाम या रात में चाय, कॉफी और कैफीन वाले पेय लेने से नींद प्रभावित हो सकती है। कैफीन का असर कई घंटों तक रह सकता है और कुछ लोगों में थोड़ी मात्रा भी नींद में बाधा डाल सकती है।
कमरे का माहौल भी जिम्मेदार
बहुत ज्यादा गर्म या ठंडा कमरा, शोर, तेज रोशनी या असहज बिस्तर भी नींद के बीच में जगा सकते हैं। इसलिए सोने की जगह शांत, अंधेरी और आरामदायक रखना मददगार हो सकता है।
रात में नींद न टूटे, इसके लिए क्या करें?
- रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें।
- सोने से पहले कुछ समय शांत और आरामदायक गतिविधि करें।
- शाम के बाद कैफीन का सेवन कम करें।
- सोने से ठीक पहले मोबाइल या दूसरे स्क्रीन का लंबे समय तक इस्तेमाल न करें।
- कमरे को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें।
- अगर रात में नींद खुल जाए और काफी देर तक नींद न आए, तो कुछ देर शांत गतिविधि करें और नींद आने पर वापस बिस्तर पर जाएं।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
अगर नींद की समस्या लगातार बनी रहती है, कई महीनों तक चलती है या दिन में थकान और ध्यान लगाने में परेशानी होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। बार-बार नींद टूटने के पीछे कभी-कभी स्लीप एपनिया, रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
ध्यान रखें: रात में एक-दो बार नींद खुलना अपने आप में किसी बीमारी का पक्का संकेत नहीं है। समस्या बार-बार होने पर ही इसके कारण की जांच जरूरी होती है।








