चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा को लेकर विधानसभा में कड़ा रुख अपनाया है। अभिनेत्री तृषा कृष्णन से जुड़े हालिया विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि राजनीति में तीखी आलोचना हो सकती है, लेकिन महिलाओं को नीचा दिखाने वाली या मानहानिकारक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी।
विधानसभा में क्या बोले CM विजय?
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान विजय ने अभिव्यक्ति की आजादी और राजनीतिक आलोचना के अधिकार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने की आजादी सभी को है, लेकिन इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति या महिला का अपमान करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर डबल मीनिंग या अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोगों को सार्वजनिक मंच पर बोलते समय शब्दों और उनकी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
महिलाओं को लेकर विजय ने दिया बड़ा संदेश
विजय ने कहा कि उनकी राजनीतिक सफलता में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान को राजनीति से ऊपर का मुद्दा बताते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक विवाद में महिलाओं को व्यक्तिगत निशाना बनाना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि महिलाओं के खिलाफ अश्लील या मानहानिकारक टिप्पणियों पर कानून अपना काम करेगा।
तृषा विवाद के बाद आया बयान
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में विवाद चल रहा है। विपक्ष के नेता और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन पर तृषा को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और डबल मीनिंग टिप्पणी करने के आरोप लगे थे।
विजय ने विधानसभा में अपने बयान में उदयनिधि या तृषा का सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को हालिया विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, DMK की ओर से विवादित टिप्पणी को अलग संदर्भ में पेश किए जाने और उसे गलत तरीके से दिखाए जाने की बात कही गई है। इसलिए आरोपों और राजनीतिक दावों को उनके संबंधित पक्षों के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
‘राजनीतिक आलोचना ठीक, लेकिन निजी हमला नहीं’
विजय ने साफ किया कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध और आलोचना स्वाभाविक है। सरकार या नेताओं के फैसलों पर सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत हमले और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा को राजनीतिक बहस का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
उनका यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ TVK और विपक्षी DMK के बीच राजनीतिक टकराव तेज है।
मामले में पुलिस कार्रवाई भी चर्चा में
तृषा से जुड़े विवाद के बीच एक अन्य मामले में चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस ने अभिनेत्री के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था।
हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों और संबंधित व्यक्तियों के पक्ष को अलग-अलग देखना जरूरी है। पुलिस कार्रवाई या आरोप अपने आप में किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि साबित नहीं करते।
विजय ने दिया मर्यादित राजनीतिक भाषा का संदेश
CM विजय के बयान से साफ है कि उनकी सरकार राजनीतिक बहस में महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक भाषा की मर्यादा को अहम मुद्दा बनाना चाहती है। उन्होंने राजनीतिक आलोचना के अधिकार को स्वीकार करते हुए व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियों से बचने की अपील की।
तृषा विवाद के बीच आया यह बयान अब तमिलनाडु की राजनीति में एक अहम संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर TVK और DMK के बीच राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।








