तेलंगाना में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (KTR) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें तेलंगाना आने की चुनौती दी है। KTR का कहना है कि राहुल गांधी को दिल्ली में छात्रों के मुद्दे उठाने के साथ-साथ तेलंगाना के छात्रों की समस्याओं को भी समझना चाहिए।
तेलंगाना के छात्रों से मिलने की दी चुनौती
KTR ने राहुल गांधी से कहा कि वह तेलंगाना आएं और यहां के छात्रों से सीधे बातचीत करें। उनके मुताबिक, राज्य में छात्र जिन समस्याओं और मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, उन्हें जमीन पर आकर समझना जरूरी है।
KTR का यह बयान ऐसे समय आया है जब राहुल गांधी दिल्ली में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। BRS नेता ने इसी को आधार बनाते हुए कांग्रेस पर कथित दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा
KTR ने तेलंगाना में छात्रों के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। BRS का आरोप है कि छात्रों के आंदोलनों पर पुलिस ने सख्ती की, जबकि कांग्रेस नेतृत्व दिल्ली में छात्रों के समर्थन में आवाज उठा रहा है।
हालांकि, पुलिस कार्रवाई को लेकर KTR और BRS की ओर से लगाए गए आरोपों को राजनीतिक आरोपों के तौर पर देखा जाना चाहिए। इस मामले में अलग-अलग पक्षों के दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
राहुल गांधी पर KTR का ‘डबल स्टैंडर्ड’ वाला आरोप
KTR ने राहुल गांधी की छात्र राजनीति को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और उनकी आवाज को लेकर चिंतित है, तो तेलंगाना में भी उसे छात्रों के मुद्दों पर उसी तरह सक्रिय होना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी से तेलंगाना आकर छात्रों से मिलने और उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से सुनने की अपील के साथ चुनौती भी दी। KTR का कहना है कि इससे राहुल गांधी को राज्य के जमीनी हालात समझने में मदद मिलेगी।
तेलंगाना में छात्रों के मुद्दे पर बढ़ी सियासी गर्मी
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब तेलंगाना में छात्रों के अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध और राजनीतिक बयानबाजी जारी है। हाल के दिनों में पॉलीटेक्निक छात्रों के आंदोलन को लेकर भी KTR ने समर्थन जताया और राज्य सरकार से संबंधित आदेश वापस लेने की मांग की है।
वहीं, कांग्रेस और राज्य सरकार की ओर से इन मुद्दों पर अलग-अलग रुख सामने आया है। ऐसे में छात्रों से जुड़े सवाल अब राज्य की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनते दिखाई दे रहे हैं।
आगे क्या होगा?
KTR की चुनौती के बाद अब निगाहें राहुल गांधी और कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर हैं। क्या राहुल गांधी तेलंगाना जाकर छात्रों से संवाद करेंगे या इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत जवाब देंगे, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
फिलहाल, तेलंगाना के छात्रों के मुद्दे ने KTR और राहुल गांधी के बीच राजनीतिक जुबानी जंग को और तेज कर दिया है। KTR लगातार कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी से सवाल पूछ रहे हैं, जबकि इस पूरे विवाद का केंद्र छात्रों की समस्याएं और उनके प्रदर्शन बने हुए हैं।v








