Sri Lanka Namal Rajapaksa Arrest: श्रीलंका की राजनीति में एक बार फिर राजपक्षे परिवार सुर्खियों में है। पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे और सांसद नामल राजपक्षे को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला श्रीलंकन एयरलाइंस के लिए Airbus विमानों की खरीद से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच से जुड़ा है। श्रीलंका की भ्रष्टाचार विरोधी संस्था CIABOC ने पूछताछ के बाद नामल राजपक्षे को गिरफ्तार किया।
नामल की गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट ने उन्हें 18 सितंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। जांच एजेंसी का आरोप है कि 2013 के Airbus सौदे से जुड़े लेनदेन में नामल को करीब 8 लाख अमेरिकी डॉलर का कथित भुगतान मिला था। हालांकि, नामल राजपक्षे ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला श्रीलंकन एयरलाइंस के लिए Airbus विमानों की खरीद से जुड़े पुराने सौदे की जांच का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, 2013 में श्रीलंकन एयरलाइंस से संबंधित विमान खरीद का एक बड़ा सौदा हुआ था। बाद में इस सौदे में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों की जांच शुरू हुई।
श्रीलंका की भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी का दावा है कि विमान सौदे से जुड़े पैसों के लेनदेन में कई स्तरों पर संदिग्ध गतिविधियां हुईं। जांच के दौरान विदेशों में मौजूद बैंक खातों और कंपनियों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड भी सामने आए हैं।
नामल पर क्या आरोप है?
जांच एजेंसी के मुताबिक, Airbus सौदे से जुड़े कथित रिश्वत लेनदेन में करीब 8 लाख डॉलर की रकम नामल राजपक्षे तक पहुंची। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से इस रकम के कथित ट्रांसफर और उससे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड का उल्लेख किया गया।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने दावा किया कि रकम सिंगापुर में मौजूद बैंक खातों और कंपनियों के जरिए आगे बढ़ी। जांच में एक श्रीलंकाई कारोबारी के बयान को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
हालांकि, इन आरोपों को अभी अदालत में साबित किया जाना बाकी है। नामल राजपक्षे ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। इसलिए मामले में सामने आए आरोपों को फिलहाल जांच एजेंसी के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
पांच घंटे से ज्यादा हुई पूछताछ
रिपोर्टों के अनुसार, नामल राजपक्षे शुक्रवार को भ्रष्टाचार जांच आयोग के सामने बयान दर्ज कराने पहुंचे थे। उनसे कई घंटे तक पूछताछ हुई। करीब पांच घंटे की पूछताछ के बाद अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने जांच आगे बढ़ाने के लिए उन्हें 18 सितंबर तक हिरासत में रखने का आदेश दिया।
Airbus डील में कितना बड़ा था मामला?
यह पूरा विवाद करीब 2.3 अरब डॉलर के विमान सौदे से जुड़ी जांच के व्यापक संदर्भ में सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस सौदे में श्रीलंकन एयरलाइंस के लिए Airbus विमानों की खरीद शामिल थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी Airbus की बिक्री से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों की जांच पहले हो चुकी है। अमेरिकी, ब्रिटिश और फ्रांसीसी अधिकारियों की जांच में श्रीलंका समेत कई देशों में विमान सौदों से संबंधित कथित रिश्वत भुगतान के मामले सामने आए थे।
जांच में विदेशों तक पहुंची रकम का जिक्र
CIABOC की जांच में सिंगापुर स्थित बैंक खातों और कंपनियों से जुड़े लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। अदालत में अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि Airbus से जुड़े कथित भुगतान अलग-अलग कंपनियों और खातों के जरिए आगे बढ़े।
जांच एजेंसी ने इस मामले में कारोबारी बयानों, Airbus अधिकारियों से मिली जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य दस्तावेजों को भी जांच का हिस्सा बताया है।
महिंदा राजपक्षे से भी हुई थी पूछताछ
यह मामला केवल नामल राजपक्षे तक सीमित नहीं है। पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से भी इस व्यापक जांच के सिलसिले में पूछताछ की जा चुकी है। रिपोर्टों के अनुसार, उनसे मई 2026 में कथित किकबैक से जुड़े आरोपों को लेकर सवाल किए गए थे।
राजपक्षे परिवार की ओर से भ्रष्टाचार के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया गया है। ऐसे में यह मामला श्रीलंका की राजनीति में कानूनी जांच के साथ-साथ राजनीतिक विवाद का विषय भी बन गया है।
नामल राजपक्षे कौन हैं?
नामल राजपक्षे श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे हैं। वह श्रीलंका की राजनीति में सक्रिय हैं और संसद सदस्य हैं। वह श्रीलंका पोदुजना पेरामुना यानी SLPP से जुड़े हुए हैं।
राजपक्षे परिवार लंबे समय तक श्रीलंका की राजनीति में बेहद प्रभावशाली रहा है। महिंदा राजपक्षे 2005 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति रहे। उनके परिवार के कई सदस्य सरकार और राजनीति में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।
नामल की गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे एक बार फिर राजपक्षे परिवार से जुड़े पुराने भ्रष्टाचार के आरोप चर्चा में आ गए हैं।
अदालत ने 18 सितंबर तक भेजा रिमांड पर
गिरफ्तारी के बाद अदालत में हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने जांच के लिए हिरासत की मांग की। बचाव पक्ष ने जमानत की मांग रखी, लेकिन अदालत ने फिलहाल इसे स्वीकार नहीं किया।
मुख्य मजिस्ट्रेट ने नामल राजपक्षे को 18 सितंबर तक रिमांड पर भेज दिया। अब जांच एजेंसी इस दौरान मामले से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच आगे बढ़ाएगी।
राजपक्षे परिवार के लिए क्यों अहम है यह मामला?
राजपक्षे परिवार पहले भी श्रीलंका की राजनीति में भ्रष्टाचार और आर्थिक कुप्रबंधन के आरोपों को लेकर आलोचना का सामना करता रहा है। नामल की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब श्रीलंका में पुराने मामलों की जांच को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस जारी है।
नामल की गिरफ्तारी से विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है। वहीं कानूनी रूप से मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की आगे की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।
अभी क्या होगा?
फिलहाल नामल राजपक्षे न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसी को कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और बयानों की आगे जांच करनी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गिरफ्तारी या आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं होते। मामले में अदालत के सामने साक्ष्यों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नामल राजपक्षे की गिरफ्तारी ने देश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। मामला श्रीलंकन एयरलाइंस के पुराने Airbus विमान सौदे से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की जांच से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने 8 लाख डॉलर के कथित भुगतान का आरोप लगाया है, जबकि नामल ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।
अब सबकी नजर 18 सितंबर की अगली अदालत की कार्यवाही और जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई पर है।








