सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की ओर से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को लेकर की गई टिप्पणी पर अब CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है। वांगचुक के बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दीपके ने कहा कि पूरी बातचीत को संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है। उनका कहना है कि वांगचुक ने उनके और उनके साथियों के बारे में काफी सकारात्मक बातें कहीं थीं, लेकिन वायरल वीडियो में कथित तौर पर सिर्फ एक हिस्से को ज्यादा तवज्जो दी गई।
क्या कहा था सोनम वांगचुक ने?
दरअसल, एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक से अभिजीत दीपके और CJP से जुड़े अन्य नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और भविष्य को लेकर सवाल किया गया था। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या ये नेता आगे चलकर भ्रष्ट हो सकते हैं।
वांगचुक ने कहा था कि उन्होंने इन युवाओं को करीब से परखा है और उन्हें फिलहाल उनके अंदर भ्रष्टाचार के कोई संकेत नजर नहीं आए। उन्होंने उनकी क्षमता और नीयत की तारीफ भी की, लेकिन साथ ही यह बात कही कि भविष्य में कोई व्यक्ति कैसे बदलेगा, इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती।
वांगचुक के मुताबिक राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना अपने आप में गलत बात नहीं है। उनका जोर इस बात पर था कि युवाओं की ऊर्जा और राजनीतिक आकांक्षाओं को किस दिशा में इस्तेमाल किया जाता है, यह महत्वपूर्ण है।
दीपके ने क्या दिया जवाब?
सोनम वांगचुक की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्हें वांगचुक की बात में कुछ भी गलत नहीं लगता। बल्कि उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के भविष्य की गारंटी कोई नहीं दे सकता।
दीपके ने कहा कि वह खुद लोगों से यही कहते हैं कि किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि आगे चलकर कोई व्यक्ति क्या फैसला करेगा या उसका व्यवहार कैसे बदलेगा, इसकी गारंटी नहीं हो सकती।
उन्होंने यह भी कहा कि वांगचुक ने उनके बारे में काफी अच्छी बातें कही थीं। दीपके के अनुसार, पूरी बातचीत में उनकी और उनके साथियों की तारीफ वाला हिस्सा ज्यादा था, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए हिस्से में मुख्य रूप से भविष्य में भ्रष्ट होने की संभावना वाली बात सामने आई।
’99 फीसदी तारीफ, 1 फीसदी हिस्सा वायरल’
दीपके ने दावा किया कि वांगचुक ने CJP से जुड़े युवाओं की क्षमता, नेतृत्व और आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका की प्रशंसा की थी। उनका कहना है कि बातचीत के करीब 99 फीसदी सकारात्मक हिस्से को नजरअंदाज कर केवल एक हिस्से को वायरल किया गया।
दीपके ने इसी संदर्भ में कहा कि अगर कोई व्यक्ति यह पूछता है कि भविष्य में कोई नेता कैसा रहेगा, तो उसका निश्चित जवाब देना संभव नहीं है। उनका तर्क है कि आज कोई ईमानदार है, इसका मतलब यह नहीं कि उसके पूरे भविष्य की गारंटी भी कोई दूसरा व्यक्ति ले सकता है।
CJP नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर भी हुई चर्चा
सोनम वांगचुक ने बातचीत में अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका समेत CJP से जुड़े युवाओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि राजनीति में आने की इच्छा होना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन किसी आंदोलन या छात्र मंच की दिशा को लेकर सावधानी जरूरी है।
वांगचुक ने इन युवाओं को लेकर अपने अनुभव के आधार पर सकारात्मक बातें भी कहीं। साथ ही उन्होंने यह संकेत दिया कि युवा नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि आगे बढ़ते समय वे अपनी मूल नीयत और मूल मुद्दों से जुड़े रहें।
वायरल वीडियो को लेकर दीपके की आपत्ति
दीपके की सबसे बड़ी आपत्ति वीडियो के कथित तौर पर अधूरे हिस्से को लेकर है। उनका कहना है कि अगर किसी लंबी बातचीत में से सिर्फ एक लाइन निकालकर दिखाई जाए तो उसका अर्थ अलग नजर आ सकता है।
उन्होंने इसी वजह से लोगों से पूरी बातचीत का संदर्भ समझने की अपील की। उनके मुताबिक वांगचुक ने CJP नेताओं को लेकर सिर्फ आशंका व्यक्त नहीं की थी, बल्कि उनकी मौजूदा भूमिका और काम की तारीफ भी की थी।
आंदोलन और राजनीति के बीच बढ़ी चर्चा
सोनम वांगचुक और CJP से जुड़े नेताओं की यह बातचीत ऐसे समय में सामने आई है जब CJP का छात्र आंदोलन और उसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर चर्चा तेज है। संगठन से जुड़े युवा शिक्षा, परीक्षाओं, कथित अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
इसी वजह से CJP के नेताओं की राजनीतिक भूमिका और भविष्य की दिशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। वांगचुक की टिप्पणी ने इस बहस को और तेज कर दिया है कि क्या छात्र आंदोलन आगे चलकर व्यापक राजनीतिक मंच का रूप ले सकता है।
‘भविष्य की गारंटी किसी के पास नहीं’
अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया का मुख्य संदेश यही है कि किसी भी व्यक्ति के भविष्य को लेकर निश्चित दावा करना मुश्किल है। उन्होंने वांगचुक की इसी बात को स्वीकार करते हुए कहा कि लोगों को किसी नेता या संगठन पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय उसके काम और फैसलों को लगातार परखना चाहिए।
इस पूरे विवाद में फिलहाल दोनों पक्षों की बातों को उनके संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण है। वांगचुक ने CJP नेताओं की मौजूदा भूमिका पर सकारात्मक बातें कही हैं और साथ ही भविष्य को लेकर निश्चित गारंटी देने से इनकार किया है। वहीं दीपके ने भी कहा है कि भविष्य की गारंटी कोई नहीं दे सकता और लोगों को किसी पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक के बयान के बाद शुरू हुई चर्चा में अभिजीत दीपके ने इसे सीधा हमला मानने के बजाय भविष्य को लेकर सामान्य और तार्किक टिप्पणी बताया है। दीपके का दावा है कि वायरल क्लिप में बातचीत का सकारात्मक हिस्सा सामने नहीं आया। अब यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और CJP नेताओं की राजनीतिक दिशा को लेकर बहस जारी है।







