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September 1, 2026 9:01 pm

कमर दर्द बना रहता है तो सावधान! पैरों में झनझनाहट समेत ये 7 लक्षण स्लिप डिस्क का दे सकते हैं संकेत

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 लंबे समय तक बैठने, गलत पोस्चर, अचानक वजन उठाने या रीढ़ पर ज्यादा दबाव पड़ने के कारण कमर दर्द की समस्या हो सकती है। कई बार दर्द कुछ समय बाद ठीक हो जाता है, लेकिन अगर कमर दर्द बार-बार हो रहा है और इसके साथ पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है, क्योंकि ये लक्षण स्लिप डिस्क जैसी समस्या से जुड़े हो सकते हैं।

हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर स्लिप डिस्क की पुष्टि नहीं की जा सकती। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी होती है।

क्या होती है स्लिप डिस्क?

रीढ़ की हड्डी में कई छोटी-छोटी हड्डियां होती हैं, जिन्हें वर्टिब्रा कहा जाता है। इनके बीच नरम डिस्क होती हैं, जो झटकों को कम करने और रीढ़ को लचीला बनाए रखने में मदद करती हैं।

जब किसी डिस्क का बाहरी हिस्सा कमजोर या क्षतिग्रस्त होकर अंदर के हिस्से को बाहर की ओर धकेलता है, तो आसपास की नस पर दबाव पड़ सकता है। इसी वजह से कमर के साथ पैर तक दर्द या दूसरे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

स्लिप डिस्क के 7 संभावित संकेत

1. लगातार या बार-बार कमर दर्द

अगर कमर में दर्द बार-बार लौटता है या लंबे समय तक बना रहता है, तो इसके कारण की जांच कराना जरूरी है। हर कमर दर्द स्लिप डिस्क नहीं होता, लेकिन लगातार परेशानी होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2. दर्द का पैर तक पहुंचना

कुछ लोगों में कमर से शुरू होने वाला दर्द कूल्हे और पैर की तरफ जाने लगता है। नस पर दबाव पड़ने की स्थिति में इस तरह का दर्द महसूस हो सकता है।

3. पैरों में झनझनाहट

कमर दर्द के साथ पैर या पंजे में चींटी चलने जैसा एहसास या झनझनाहट महसूस होना नसों पर दबाव का संकेत हो सकता है। ऐसी परेशानी बार-बार हो तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

4. सुन्नपन महसूस होना

पैर, पंजे या शरीर के किसी हिस्से में संवेदना कम होना या सुन्नपन महसूस होना भी ध्यान देने वाला लक्षण है। खासकर अगर यह कमर दर्द के साथ हो रहा हो तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।

5. पैर में कमजोरी

यदि चलते समय पैर कमजोर महसूस हो या रोजमर्रा के काम करने में पहले की तुलना में ज्यादा परेशानी होने लगे, तो इसे सामान्य थकान मानकर लगातार नजरअंदाज न करें।

6. बैठने, खड़े होने या चलने पर दर्द बढ़ना

कुछ मामलों में लंबे समय तक बैठने, खड़े रहने, झुकने या कुछ गतिविधियों के दौरान दर्द बढ़ सकता है। हर व्यक्ति में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।

7. खांसने या छींकने पर दर्द बढ़ना

कुछ लोगों में खांसने, छींकने या जोर लगाने के दौरान कमर अथवा पैर का दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है। अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो डॉक्टर से जांच कराना उचित है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

कमर दर्द के साथ अगर पैरों में तेजी से बढ़ती कमजोरी या सुन्नपन, चलने में गंभीर परेशानी या पेशाब-पाखाने पर नियंत्रण से जुड़ी अचानक समस्या दिखाई दे, तो इसे आपात स्थिति मानकर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

बचाव के लिए क्या करें?

कमर को स्वस्थ रखने के लिए लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से बचें और बैठते समय पोस्चर सही रखने की कोशिश करें। भारी सामान उठाते समय शरीर की सही तकनीक का ध्यान रखें। नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि भी पीठ और शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है।

अगर कमर दर्द लगातार बना हुआ है, बार-बार लौट रहा है या रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

ध्यान रखें: हर कमर दर्द स्लिप डिस्क नहीं होता। लेकिन कमर दर्द के साथ पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो सही कारण की जांच जरूरी हो सकती है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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