शिलांग: पूर्वोत्तर की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी उलटफेर की चर्चा तेज हो गई है। मेघालय में BJP के विधायकों की संख्या 2 से बढ़कर 15 होने की अटकलें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, UDP के 9 और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 4 विधायक BJP के संपर्क में होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन नेताओं के BJP में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
2 से सीधे 15 विधायक होने की चर्चा
मौजूदा राजनीतिक चर्चा का सबसे बड़ा पहलू BJP की संभावित संख्या है। दावा किया जा रहा है कि अगर UDP के 9 और TMC के 4 विधायक BJP का दामन थामते हैं, तो पार्टी की विधानसभा में संख्या 2 से बढ़कर 15 हो सकती है। इसी संभावित दल-बदल को राजनीतिक गलियारों में BJP के कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, यह फिलहाल सूत्रों और राजनीतिक दावों पर आधारित खबर है। संबंधित विधायकों की ओर से सामूहिक रूप से BJP में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
TMC के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
TMC के चार विधायकों के संभावित पाला बदलने की चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में पश्चिम बंगाल के बाद पूर्वोत्तर में भी मौजूदगी रही है। ऐसे में अगर विधायक वास्तव में पार्टी छोड़ते हैं, तो इसका संगठनात्मक असर देखने को मिल सकता है।
दूसरी ओर, TMC पहले भी BJP पर दल-बदल की कोशिशों के आरोप लगा चुकी है। जून 2026 में पार्टी के भीतर विद्रोह और नेतृत्व को लेकर खींचतान के बीच TMC ने BJP पर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने का आरोप लगाया था, जबकि BJP ने ऐसे आरोपों को लेकर अलग राजनीतिक रुख रखा।
BJP के लिए बड़ा राजनीतिक फायदा?
यदि यह संभावित दल-बदल वास्तविकता में बदलता है तो BJP को पूर्वोत्तर में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने का फायदा मिल सकता है। ज्यादा विधायक होने से विधानसभा में पार्टी की स्थिति मजबूत होगी और क्षेत्रीय राजनीति में उसका प्रभाव बढ़ सकता है।
हालांकि, किसी भी दल के लिए केवल विधायकों की संख्या बढ़ना ही पर्याप्त नहीं होता। दल-बदल के बाद संगठन, नेतृत्व और विधानसभा में राजनीतिक समीकरण किस तरह बदलते हैं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
‘ऑपरेशन लोटस’ की चर्चा क्यों?
भारतीय राजनीति में ‘ऑपरेशन लोटस’ शब्द का इस्तेमाल विपक्षी दलों के विधायकों के BJP में जाने और उससे सत्ता या राजनीतिक समीकरण बदलने की घटनाओं के लिए किया जाता रहा है। पश्चिम बंगाल में भी पहले इस तरह के आरोप लगते रहे हैं।
मेघालय में संभावित दल-बदल की ताजा चर्चा ने इसी वजह से राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। हालांकि, जब तक संबंधित विधायक औपचारिक रूप से अपना फैसला घोषित नहीं करते, तब तक इसे संभावित राजनीतिक घटनाक्रम ही माना जाएगा।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर उन 13 विधायकों पर है, जिनके BJP में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। अगर वे औपचारिक रूप से BJP में शामिल होते हैं तो मेघालय की विधानसभा का राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि सभी 13 विधायक एक साथ BJP में शामिल होंगे या अलग-अलग समय पर कोई फैसला लेंगे। इसलिए आने वाले दिनों में होने वाली राजनीतिक गतिविधियां इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगी।
कुल मिलाकर, 2 से 15 विधायक होने की संभावित खबर ने मेघालय की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। लेकिन अभी इसे पक्के दल-बदल के बजाय एक राजनीतिक दावा और संभावना के रूप में देखना उचित होगा।








