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August 31, 2026 1:56 pm

₹50 लाख की कमाई के बावजूद दिल्ली छोड़ी! लंदन जाकर मिली ऐसी जिंदगी, बोलीं- फैसला सही था

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नई दिल्ली: दिल्ली में सालाना करीब ₹50 लाख का पैकेज और दूसरी तरफ लंदन में नौकरी का मौका—आम तौर पर ज्यादातर लोग ज्यादा कमाई वाले विकल्प को प्राथमिकता दे सकते हैं। लेकिन दिल्ली की प्रोफेशनल जसलीन कौर ने अलग फैसला लिया। उन्होंने दिल्ली की नौकरी छोड़कर लंदन में करियर बनाने का रास्ता चुना। उनके मुताबिक यह फैसला केवल सैलरी को देखकर नहीं लिया गया, बल्कि बेहतर जीवनशैली, साफ हवा, सुरक्षा और वर्क-लाइफ बैलेंस जैसे पहलुओं ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई।

दिल्ली में अच्छी नौकरी और सुविधाओं की कमी नहीं थी

जसलीन के मुताबिक दिल्ली में उनके पास अच्छी नौकरी के साथ आरामदायक शहरी जीवन की कई सुविधाएं थीं। जरूरी सामान की तेज डिलीवरी, घरेलू मदद, अपनी कार और परिवार के साथ रहने जैसी सुविधाएं उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाती थीं।

ऐसे में दिल्ली छोड़कर दूसरे देश में जाना उनके लिए आसान फैसला नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने लंदन जाने का विकल्प चुना।

सिर्फ पैसों से नहीं तय किया फैसला

जसलीन की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि उन्होंने नौकरी का फैसला केवल भारतीय रुपये में सैलरी को बदलकर नहीं किया। उनका कहना है कि जिंदगी की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कमाई।

उन्होंने स्वच्छ हवा, सुरक्षा, पैदल चलने की सुविधा, स्वास्थ्य और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस को लंदन चुनने की प्रमुख वजहों में बताया।

लंदन में कितनी है सैलरी?

यहां एक जरूरी सुधार भी है। शुरुआती रिपोर्टों में लंदन की नौकरी को ₹12 लाख बताया गया था, लेकिन बाद की जानकारी के मुताबिक तुलना वास्तव में 1 लाख पाउंड सालाना, यानी भारतीय मुद्रा में करीब ₹1.2 करोड़ की सैलरी से थी। इसलिए इसे ₹12 लाख की नौकरी कहना सही नहीं होगा।

यानी तुलना सिर्फ ₹50 लाख बनाम ₹12 लाख की नहीं थी, बल्कि दिल्ली के करीब ₹50 लाख और लंदन के करीब ₹1 करोड़ से अधिक सालाना पैकेज की थी।

परिवार छोड़ना सबसे मुश्किल हिस्सा

लंदन जाने का फैसला सिर्फ नौकरी बदलने जैसा नहीं था। दिल्ली में जसलीन अपने परिवार के साथ थीं और उन्हें रोजमर्रा की कई सुविधाएं उपलब्ध थीं। विदेश में शिफ्ट होने का मतलब था परिवार से दूरी और एक नए शहर में खुद को दोबारा स्थापित करना।

इसके बावजूद उन्होंने लंदन को चुना और अब अपने फैसले को सही मानती हैं।

साफ हवा और बेहतर जीवनशैली बनी बड़ी वजह

दिल्ली और लंदन के बीच तुलना करते हुए जसलीन ने पर्यावरण और जीवनशैली से जुड़े पहलुओं पर खास जोर दिया। उनके लिए साफ हवा और सुरक्षित माहौल केवल सुविधा नहीं, बल्कि लंबे समय की जिंदगी और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।

इसके अलावा पैदल चलने की सुविधा और काम के साथ निजी जिंदगी के लिए समय मिलना भी उनके फैसले में महत्वपूर्ण रहा।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस

जसलीन के अनुभव का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह सवाल चर्चा में आ गया कि क्या ज्यादा सैलरी ही बेहतर जिंदगी की गारंटी है?

इस पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग बेहतर जीवनशैली और विदेश में मिलने वाले अवसरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि किसी भी नौकरी की तुलना करते समय वहां के रहने, घर, टैक्स और रोजमर्रा के खर्च को भी ध्यान में रखना चाहिए।

पैकेज की तुलना से ज्यादा जरूरी है जीवन की गुणवत्ता

इस कहानी से एक बात साफ होती है कि करियर का फैसला केवल सालाना पैकेज देखकर नहीं किया जा सकता। सैलरी के साथ रहने का खर्च, काम के घंटे, परिवार से दूरी, स्वास्थ्य, सुरक्षा और निजी जीवन जैसे कई पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं।

जसलीन कौर के मामले में भी यही देखने को मिला। उन्होंने दिल्ली की अच्छी नौकरी और सुविधाओं को छोड़कर लंदन को चुना और उनके मुताबिक बेहतर जीवन गुणवत्ता ने इस फैसले को सही साबित किया।

यानी कहानी सिर्फ ₹50 लाख की नौकरी छोड़ने की नहीं है, बल्कि इस सवाल की है कि आखिर एक व्यक्ति अपने करियर और जिंदगी के बीच संतुलन को कैसे देखता है। जसलीन के लिए साफ हवा, सुरक्षा और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस उनकी प्राथमिकताओं में सैलरी जितने ही महत्वपूर्ण साबित हुए।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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