कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई की मांग की है। प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री वास्तव में संविधान का सम्मान करते हैं, तो उन्हें इस मामले में FIR दर्ज कराने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
हल्द्वानी की घटना पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि उनके कार्यक्रम के बाद वहां कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ की रस्म की गई। पार्टी ने इसे दलित समुदाय और कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के प्रति अपमानजनक व्यवहार बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कथित शुद्धिकरण की घटना संविधान और SC/ST कानून का उल्लंघन है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो और कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
‘संविधान का सम्मान करते हैं तो कार्रवाई कराएं’
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि वह संविधान का सम्मान करते हैं, तो उत्तराखंड में हुए इस कथित कृत्य को लेकर FIR सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि घटना के करीब 20 दिन बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
कांग्रेस का कहना है कि यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता और दलित सम्मान से जुड़ा मामला है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस तरह की घटनाएं समाज में भेदभाव की मानसिकता को बढ़ावा देती हैं।
राहुल गांधी भी उठा चुके हैं FIR का मुद्दा
प्रियंका गांधी से पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस विवाद को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से FIR दर्ज कराने की मांग की थी। राहुल गांधी ने कथित ‘शुद्धिकरण’ को छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए इसकी आलोचना की और SC/ST अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया था कि घटना के बाद अब तक FIR क्यों दर्ज नहीं की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दलित समुदाय के सम्मान और समानता से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
बीजेपी ने आरोपों को बताया राजनीतिक विवाद
इस मामले को लेकर बीजेपी की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों को समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश बताया और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है। इस तरह ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
बीजेपी और कांग्रेस के अलग-अलग दावों के बीच इस पूरे मामले में अब राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। कांग्रेस जहां इसे जातिगत भेदभाव और सामाजिक सम्मान से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए हैं।
SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग क्यों?
कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ जाति के आधार पर अपमान या भेदभाव से जुड़ा अपराध बनता है, तो संबंधित कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने इसी आधार पर प्रधानमंत्री से दोषियों के खिलाफ FIR और SC/ST अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
हालांकि, किसी घटना में कानून की कौन-सी धाराएं लागू होंगी और FIR के बाद आगे क्या कार्रवाई होगी, यह जांच और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है। इसलिए मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
हल्द्वानी का यह विवाद अब उत्तराखंड की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस के कई नेताओं ने इसे सामाजिक समानता और दलित सम्मान का मुद्दा बताया है। राहुल गांधी के बाद प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया ने इस मामले को लेकर कांग्रेस के हमले को और तेज कर दिया है।
प्रियंका गांधी की मांग के बाद अब नजर इस बात पर है कि केंद्र और उत्तराखंड सरकार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल कांग्रेस लगातार FIR और SC/ST कानून के तहत कार्रवाई की मांग कर रही है, जबकि बीजेपी इन आरोपों को राजनीतिक विवाद बता रही है।








