प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 30 अगस्त 2026 को ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में देश के युवा क्रिएटर्स की रचनात्मकता और उनकी सामाजिक भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत में बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर्स की कोई कमी नहीं है और युवा अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कर सकते हैं।
नशामुक्त भारत के लिए क्रिएटर्स से अपील
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में नशामुक्त भारत अभियान का जिक्र करते हुए युवाओं से इससे जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है।
प्रधानमंत्री ने युवा संगीतकारों से नशामुक्त जीवन का संदेश देने वाले गीत बनाने और छात्रों व थिएटर समूहों से जागरूकता फैलाने वाले छोटे नाटक तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से भी अलग-अलग भारतीय भाषाओं में ऐसा कंटेंट बनाने की अपील की, जो युवाओं और समाज तक प्रभावी संदेश पहुंचा सके।
‘क्रिएटिविटी को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाएं’
पीएम मोदी ने कहा कि देश में प्रतिभाशाली कंटेंट क्रिएटर्स की कमी नहीं है। उनके मुताबिक, क्रिएटिविटी को सिर्फ मनोरंजन तक सीमित रखने के बजाय इसका इस्तेमाल सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव के लिए भी किया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि युवा अपनी प्रतिभा और डिजिटल प्लेटफॉर्म की पहुंच का इस्तेमाल समाजहित से जुड़े अभियानों में करें।
कृष्णा शेषाद्री के डिजिटल प्रोजेक्ट की तारीफ
‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री के डिजिटल प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। शेषाद्री ने ‘BharatRajya’ नाम की वेबसाइट तैयार की है, जिसके जरिए यूजर किसी खास वर्ष को चुनकर यह जान सकते हैं कि उस समय भारत के अलग-अलग हिस्सों में किसका शासन था।
पीएम मोदी ने इस पहल को इतिहास को रोचक तरीके से समझने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल खासकर छात्रों के लिए इतिहास को अधिक दिलचस्प बनाने में मदद कर सकती है।
युवाओं की भागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कई लोग अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे प्रयासों और उनकी कहानियों को ‘मन की बात’ के लिए साझा करने का आग्रह किया, ताकि देश के किसी दूसरे हिस्से में मौजूद व्यक्ति को भी उनसे प्रेरणा मिल सके।
‘वोकल फॉर लोकल’ में भी क्रिएटर्स की भूमिका
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश भी दोहराया। उन्होंने कहा कि स्थानीय और भारत में बने उत्पादों को बढ़ावा देना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने क्रिएटिव वर्ल्ड से जुड़े लोगों, इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज से भी इस संदेश को लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
इस तरह ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में पीएम मोदी का फोकस युवा प्रतिभा, डिजिटल क्रिएटिविटी, सामाजिक जागरूकता और देश में सकारात्मक बदलाव पर रहा। खास तौर पर कंटेंट क्रिएटर्स को समाज से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक तरीके से योगदान देने का संदेश दिया गया।








