नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के बाद कई इलाके मलबे में तब्दील हो गए हैं। हालात इतने भयावह हैं कि राहत और बचाव अभियान के दौरान लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,498 लोग अभी भी लापता हैं।
मलबे में तब्दील हुए कई इलाके
बाढ़ की तेज धार अपने साथ भारी मात्रा में पानी, मिट्टी और मलबा लेकर आई, जिससे नदी किनारे बसे कई इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। घरों, सड़कों, पुलों और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर सड़क संपर्क टूटने के कारण राहत दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बचावकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में मलबे और नदी के किनारे तलाश अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद किए गए मृतकों में मानव अवशेष भी शामिल हैं, जिनकी पहचान की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
हजारों लोग अब भी लापता
इस आपदा की सबसे बड़ी चिंता बड़ी संख्या में लोगों का अब भी लापता होना है। नेपाल में 2,498 लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। लगातार बदलते मौसम और कठिन पहाड़ी इलाकों के कारण खोज अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
बचाव अभियान में नेपाली सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें जुटी हुई हैं। हेलीकॉप्टरों के जरिए भी प्रभावित इलाकों तक पहुंचने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। हालांकि खराब मौसम और दुर्गम भूगोल के कारण हवाई अभियान भी कई बार प्रभावित हुआ है।
फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा
तबाही के बाद भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। अधिकारियों ने भोटेकोशी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर चेतावनी जारी की है। प्रभावित जिलों के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने को कहा गया है।
नेपाल सरकार और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक भोजन, पानी और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। वहीं, लापता लोगों की तलाश और मृतकों की पहचान का काम लगातार जारी है।
फिलहाल नेपाल के कई हिस्सों में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। एक तरफ मलबे में अपनों की तलाश जारी है, तो दूसरी ओर हजारों परिवार अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। बचाव अभियान के बीच प्रशासन की प्राथमिकता अब ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाना है।








