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August 27, 2026 12:39 pm

छत्तीसगढ़ में TET को लेकर बड़ा अपडेट! विभागीय परीक्षा की तैयारी, शिक्षकों को साल में तीन बार मौका

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कार्यरत शिक्षकों के लिए TET को लेकर चल रही उठापटक के बीच अब विभागीय परीक्षा का रास्ता खुलता दिखाई दे रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और शिक्षक संगठनों के बीच हुई चर्चा के बाद शिक्षकों को राहत देने की दिशा में सहमति बनने की खबर है। रिपोर्टों के मुताबिक, नौकरी की सुरक्षा को लेकर आश्वासन के साथ शिक्षकों को विभागीय स्तर पर पात्रता परीक्षा का विकल्प देने की तैयारी की जा रही है।

TET को लेकर क्यों बढ़ी थी चिंता?

छत्तीसगढ़ में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता का मुद्दा महत्वपूर्ण बन गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर नई व्यवस्था सामने आई, जिसके बाद शिक्षक संगठनों ने नियमित परीक्षा कराने और पर्याप्त अवसर देने की मांग उठाई।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि परीक्षा नियमित अंतराल पर आयोजित होती रहे तो शिक्षकों को अपनी पात्रता पूरी करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकेंगे। कुछ संगठनों ने हर तीन-चार महीने में परीक्षा आयोजित करने की मांग भी उठाई है।

विभागीय TET का विकल्प

अब सरकार की ओर से विभागीय स्तर पर परीक्षा कराने की तैयारी की खबर सामने आई है। इसका उद्देश्य कार्यरत शिक्षकों को TET की पात्रता हासिल करने के लिए अतिरिक्त और नियमित अवसर उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री के साथ शिक्षक संघ की बैठक में यह आश्वासन दिया गया कि शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी, लेकिन निर्धारित पात्रता परीक्षा पास करना आवश्यक होगा।

साल में तीन बार परीक्षा की तैयारी

शिक्षकों के लिए सबसे अहम बात परीक्षा के अवसरों को लेकर है। उपलब्ध रिपोर्टों में विभागीय TET को नियमित रूप से आयोजित करने की तैयारी की बात सामने आई है। शिक्षक संगठनों की ओर से भी साल में कई बार परीक्षा कराने की मांग की गई है, ताकि शिक्षकों को निर्धारित समयसीमा में पात्रता हासिल करने का पर्याप्त मौका मिल सके।

हालांकि साल में तीन बार परीक्षा आयोजित करने की अंतिम आधिकारिक समय-सारणी अभी सामने नहीं आई है, इसलिए इसे फिलहाल तैयारी/प्रस्ताव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

हजारों शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण मामला

छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक इस व्यवस्था से प्रभावित हो सकते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में करीब 85 हजार शिक्षकों के लिए TET से जुड़ी पात्रता महत्वपूर्ण हो गई है।

ऐसे में नियमित परीक्षा का आयोजन शिक्षकों के लिए काफी अहम होगा। परीक्षा के अधिक अवसर मिलने से वे अपनी तैयारी के अनुसार अलग-अलग चरणों में परीक्षा दे सकेंगे।

नौकरी और पदोन्नति को लेकर भी नजर

TET का मुद्दा सिर्फ परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है। शिक्षकों के बीच नौकरी की सुरक्षा, वेतनवृद्धि और पदोन्नति को लेकर भी चिंता रही है। इसी वजह से शिक्षक संगठन सरकार के सामने अपनी मांगें रखते रहे हैं।

सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच हुई बातचीत के बाद अब उम्मीद जगी है कि पात्रता पूरी करने के लिए शिक्षकों को व्यवस्थित और पर्याप्त अवसर मिलेंगे।

आगे क्या होगा?

अब निगाहें शिक्षा विभाग की ओर हैं कि विभागीय TET के आयोजन, पात्रता, पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न और तारीखों को लेकर औपचारिक आदेश कब जारी किया जाता है। आधिकारिक कार्यक्रम सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परीक्षा साल में कितनी बार होगी और शिक्षकों को आवेदन से लेकर परिणाम तक की क्या प्रक्रिया अपनानी होगी।

फिलहाल बड़ी बात यह है कि TET को लेकर जारी विवाद के बीच सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच बातचीत से समाधान की दिशा में रास्ता बनता दिख रहा है। शिक्षकों को नौकरी की सुरक्षा का आश्वासन और विभागीय परीक्षा का विकल्प मिलने से बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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