सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार शुरुआत करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 600 अंकों से ज्यादा की तेज़ बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी मजबूत उछाल के साथ कारोबार करता नजर आया। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण विदेश से आई वह सकारात्मक खबर रही, जिसने वैश्विक बाजारों का माहौल बदल दिया और भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राहत का माहौल बना। इसके साथ ही कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई गिरावट ने भी भारतीय बाजार को मजबूती दी। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल सस्ता होने से देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद बढ़ जाती है। इसी वजह से निवेशकों ने बाजार खुलते ही जमकर खरीदारी की।
बाजार में सबसे ज्यादा तेजी बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। कई दिग्गज कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में ही हरे निशान पर पहुंच गए। निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से बाजार का माहौल पूरी तरह सकारात्मक दिखाई दिया और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ने मजबूत बढ़त दर्ज की।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता कम होने से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी भी बढ़ सकती है। इसके अलावा भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, कॉर्पोरेट कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और महंगाई पर नियंत्रण जैसे घरेलू कारकों ने भी बाजार को समर्थन दिया है।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेगा। इसलिए किसी भी तेजी को देखकर जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।
फिलहाल विदेशी मोर्चे से आई राहत भरी खबर ने भारतीय शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है। यदि वैश्विक हालात इसी तरह अनुकूल बने रहते हैं, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। वहीं निवेशकों की नजर अब घरेलू आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है, जो आगे बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।








