केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने जानकारी दी कि रविवार सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ औपचारिक बातचीत का प्रस्ताव आया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरू हुई।
जेपी नड्डा ने बताया कि सुबह करीब 11:50 बजे से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच मौखिक रूप से बातचीत हुई, जिसके बाद शाम करीब 4 बजे प्रदर्शनकारियों की ओर से उन्हें एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना है और ज्ञापन में शामिल मांगों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। नड्डा ने यह भी कहा कि बातचीत का उद्देश्य आपसी संवाद के माध्यम से समाधान निकालना है और सरकार सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ना चाहती है।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपना धरना समाप्त करें और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करें। उनके अनुसार, बातचीत के जरिए समाधान निकालना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सभी पक्षों को इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के लिए हमेशा तैयार है और किसी भी मुद्दे का समाधान बातचीत के माध्यम से ही बेहतर तरीके से निकाला जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारी भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
इस बैठक को दोनों पक्षों के बीच संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर सरकार आगे क्या निर्णय लेती है और बातचीत के अगले दौर में क्या प्रगति होती है।








