देश में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने 1 जुलाई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती कर दी है। इस बदलाव के बाद 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में करीब 183 रुपये तक की कमी दर्ज की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई दरें लागू होने के बाद अब कमर्शियल सिलेंडर पहले की तुलना में सस्ता हो गया है। हालांकि, घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये पहले की तरह स्थिर बनी हुई हैं। इस फैसले से व्यावसायिक रसोई गैस उपयोगकर्ताओं को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन आम घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल कोई फायदा नहीं मिला है।
जानकारी के अनुसार, हर महीने की शुरुआत में तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस की कीमतों के आधार पर एलपीजी रेट्स की समीक्षा करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत इस बार कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में हल्की नरमी और आपूर्ति स्थिति में सुधार के कारण यह कटौती संभव हो पाई है।
होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कमर्शियल एलपीजी उनकी संचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा होती है, और कीमतों में किसी भी तरह की कमी सीधे उनके मुनाफे पर सकारात्मक असर डालती है। छोटे ढाबों और कैटरिंग व्यवसायों के लिए भी यह राहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में ईंधन और खाद्य सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण लागत बढ़ी हुई थी। ऐसे में एलपीजी कीमतों में यह कमी कुछ हद तक राहत देने वाली साबित होगी। हालांकि, वे यह भी मान रहे हैं कि लंबे समय तक स्थिर और कम कीमतें ही कारोबार को मजबूती दे सकती हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में बदलाव का असर सीधे सेवा क्षेत्र पर पड़ता है, खासकर होटल, फूड डिलीवरी और छोटे खाद्य व्यवसायों पर। इससे महंगाई के दबाव को भी कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय कीमतों और मांग-आपूर्ति के आधार पर एलपीजी दरों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।







