राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, मेघगर्जन और बारिश के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। खासतौर पर सीकर, चूरू, झुंझुनूं और आसपास के इलाकों में हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक मौसम के सक्रिय बने रहने की संभावना जताई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी के कारण राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हुई हैं। यही वजह है कि कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है।
सीकर-चूरू में बदला मौसम
शेखावाटी क्षेत्र के सीकर और चूरू जिलों में तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिनभर गर्मी से परेशान लोगों को मौसम बदलने से राहत मिली। कई स्थानों पर धूलभरी आंधी के बाद बारिश हुई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने भी इस बारिश का स्वागत किया है। उनका मानना है कि समय से पहले हुई वर्षा खरीफ फसलों की तैयारी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
19 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाएं, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे कमजोर संरचनाओं और पेड़ों को नुकसान होने की आशंका है।
सामान्य से अधिक प्री-मानसून बारिश
इस बार राजस्थान में प्री-मानसून सीजन के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कई जिलों में औसत से बेहतर बारिश हुई है, जिससे जलस्तर और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह संकेत राज्य में मानसून की अच्छी शुरुआत का आधार बन सकता है, हालांकि अंतिम तस्वीर मानसून की प्रगति पर निर्भर करेगी।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राजस्थान के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने और तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।
देशभर में भी मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है और मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
लोगों के लिए सलाह
- खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें।
- बिजली चमकने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
- किसानों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
- तेज हवाओं के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं।
निष्कर्ष
राजस्थान में आंधी और बारिश के इस दौर ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं मानसून से पहले सकारात्मक संकेत भी दिए हैं। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।








