पश्चिम एशिया में तनाव के बीच एक बार फिर बड़ा खुलासा सामने आया है। इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि लेबनान के दक्षिणी हिस्से में एक पहाड़ी के नीचे हिजबुल्ला ने एक गुप्त ड्रोन निर्माण सुविधा (ड्रोन फैक्ट्री) तैयार कर रखी थी। इस खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और सैन्य हलचल तेज हो गई है।
इजरायली सेना के अनुसार यह अंडरग्राउंड सुविधा बेहद गहराई में बनाई गई थी, जहां ड्रोन के निर्माण, असेंबली और कुछ हद तक परीक्षण की व्यवस्था भी मौजूद थी। सेना का दावा है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और इसे छिपाकर चलाया जा रहा था ताकि बाहरी निगरानी से बचा जा सके।
पहाड़ के नीचे बना था हाई-टेक अड्डा
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक यह सुविधा किसी सामान्य सुरंग की तरह नहीं थी, बल्कि एक जटिल अंडरग्राउंड सिस्टम था, जिसमें कई कमरे, तकनीकी उपकरण और भंडारण क्षेत्र शामिल थे। यहां छोटे आकार के ड्रोन तैयार किए जाते थे, जिन्हें निगरानी और संभावित सैन्य गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा सकता था।
सेना का कहना है कि यह संरचना इस तरह डिजाइन की गई थी कि ऊपर से देखने पर किसी को भी इसका अंदाजा नहीं लग सकता था।
इजरायली सेना का ऑपरेशन
इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि यह खुलासा एक विशेष सैन्य ऑपरेशन के दौरान हुआ, जिसमें सीमा क्षेत्र की निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। ऑपरेशन के दौरान सैनिकों ने सुरंगों और अंदर बने कमरों की तलाशी ली, जहां से ड्रोन से जुड़े उपकरण और तकनीकी सामग्री बरामद होने का दावा किया गया है।
सेना ने कहा कि इस तरह के ढांचे का उद्देश्य क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त हासिल करना और संभावित सैन्य उपयोग के लिए ड्रोन तैयार करना था।
हिजबुल्ला पर गंभीर आरोप
इजरायल लंबे समय से हिजबुल्ला पर लेबनान की धरती का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए करने का आरोप लगाता रहा है। इस नए खुलासे के बाद ये आरोप और मजबूत होते दिख रहे हैं। इजरायली पक्ष का कहना है कि यह गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
हालांकि हिजबुल्ला की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
लेबनान में बढ़ी चिंता
इस घटनाक्रम के बाद लेबनान में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आरोप और सैन्य खुलासे पहले से ही तनावपूर्ण हालात को और जटिल बना सकते हैं।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि ऐसे ढांचे वास्तव में मौजूद हैं तो यह आने वाले समय में लेबनान की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा नीति पर बड़ा असर डाल सकता है।
क्षेत्रीय तनाव फिर बढ़ने की आशंका
इजरायल और हिजबुल्ला के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। ऐसे में इस नए खुलासे ने एक बार फिर क्षेत्र में बड़े टकराव की आशंका को बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और संयम बरतने की अपील कर रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल सभी की निगाहें हिजबुल्ला की प्रतिक्रिया और लेबनानी सरकार के आधिकारिक रुख पर टिकी हैं। इजरायली सेना का दावा है कि आगे भी इस तरह की जांच और ऑपरेशन जारी रह सकते हैं।








